
अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए चार प्रमुख शहरों पर मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों का मुख्य निशाना वेनेजुएला के सैन्य ठिकाने और रणनीतिक मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर बताए जा रहे हैं। हमलों के बाद कई इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे आम नागरिकों में दहशत फैल गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन एयर और मिसाइल स्ट्राइक का उद्देश्य वेनेजुएला की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था।
हमलों के तुरंत बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे देश में आपातकाल (Emergency) लागू करने की घोषणा कर दी। सरकार ने सेना और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा है, जबकि हवाई अड्डों, सरकारी इमारतों और संचार नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राष्ट्रपति मादुरो ने इस कार्रवाई को देश की संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि वेनेजुएला हर स्तर पर जवाब देने के लिए तैयार है।
सरकारी बयान के अनुसार, अमेरिकी हमलों में कई सैन्य ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, हालांकि नागरिक हताहतों को लेकर आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट नहीं किए गए हैं। राजधानी सहित कई शहरों में स्कूल, दफ्तर और सार्वजनिक गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। सेना ने नागरिकों से शांत रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
इस घटनाक्रम के बाद लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक तनाव तेजी से बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर टिकी है कि यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द काबू में नहीं आए, तो इसका असर न सिर्फ क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है।

