
सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए वाहनों की तकनीक में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आने वाले समय में गाड़ियां एक-दूसरे के करीब आते ही खुद अलर्ट भेज सकेंगी। इसके लिए नए वाहनों में V2V (Vehicle-to-Vehicle) कम्युनिकेशन चिप लगाना अनिवार्य किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 2026 के अंत तक सभी नए वाहनों में V2V चिप जरूरी होगी। इस तकनीक की मदद से वाहन आपस में वायरलेस सिग्नल के जरिए स्पीड, लोकेशन और ब्रेकिंग जैसी अहम जानकारियां साझा कर सकेंगे। इससे टक्कर की आशंका पहले ही पता चल जाएगी और ड्राइवर को अलर्ट मिल जाएगा।
सरकार और ऑटो इंडस्ट्री का मानना है कि V2V तकनीक से सड़क हादसों में बड़ी कमी लाई जा सकती है। खासकर हाईवे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यह सिस्टम ड्राइवर की अतिरिक्त आंख की तरह काम करेगा।
हालांकि, इस नई तकनीक का असर गाड़ियों की कीमत पर भी पड़ेगा। अनुमान है कि V2V चिप लगने से वाहनों की कीमत में 5 से 7 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। बावजूद इसके, विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से यह अतिरिक्त लागत जरूरी और फायदेमंद साबित होगी।

