
वैश्विक टेक: Microsoft की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक हाल ही में आलोचना के केंद्र में रही है। विशेषज्ञों और यूज़र्स ने इसके डेटा प्राइवेसी, बायस और अनपेक्षित आउटपुट को लेकर चिंता जताई है। कंपनी ने AI आधारित टूल्स और प्लेटफॉर्म्स में तेजी से नवाचार किया है, लेकिन कुछ मामलों में इसकी कार्यप्रणाली और निर्णय लेने की प्रक्रिया विवादित साबित हुई।
विशेष रूप से, Microsoft के AI मॉडल्स पर आरोप लगे हैं कि ये कभी-कभी भेदभावपूर्ण या पक्षपातपूर्ण परिणाम दे सकते हैं। इसके अलावा, कुछ यूज़र्स ने बताया कि AI द्वारा प्रस्तुत सुझाव या कंटेंट कभी-कभी वास्तविकता से भटक सकता है। Privacy advocates का कहना है कि AI मॉडल्स को प्रशिक्षित करने के लिए इस्तेमाल किए गए डेटा में संवेदनशील और व्यक्तिगत जानकारी भी शामिल हो सकती है, जिससे सुरक्षा और नैतिकता के मुद्दे उठते हैं।
Microsoft की ओर से कहा गया है कि कंपनी AI की पारदर्शिता और नैतिक विकास पर काम कर रही है। उन्होंने यूज़र्स और डेवलपर्स के लिए गाइडलाइंस और कंट्रोल फीचर्स पेश किए हैं, ताकि AI सिस्टम अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बन सके। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ेगा, ऐसे आलोचनात्मक मुद्दों का समाधान और नीति निर्धारण भी उतना ही जरूरी होगा।

