
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत ने पीठ और कमर दर्द को आम समस्या बना दिया है। रीढ़ शरीर का आधार होती है, और इसकी सेहत बिगड़ने से पूरे शरीर पर असर पड़ता है। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है, जो रीढ़ को मजबूत बनाने के साथ-साथ दर्द से भी राहत देता है।
योग विशेषज्ञों के अनुसार, भुजंगासन, मार्जरी- बिटिलासन, शलभासन, अधोमुख श्वानासन और बालासन रीढ़ के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। ये आसन रीढ़ की लचक बढ़ाते हैं, मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं। नियमित अभ्यास से कमर और गर्दन के दर्द में धीरे-धीरे कमी महसूस होने लगती है।
इन योगासनों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये बिना किसी दवा के शरीर को प्राकृतिक रूप से ठीक करने में मदद करते हैं। सुबह खाली पेट या शाम को हल्के समय में योग करने से शरीर रिलैक्स रहता है और तनाव भी कम होता है। तनाव कम होने से पीठ दर्द की समस्या में भी काफी सुधार देखा जाता है।
विशेषज्ञों की मानें तो रोजाना 20–30 मिनट योग करने से रीढ़ लंबे समय तक स्वस्थ रह सकती है। हालांकि, किसी गंभीर समस्या या तेज दर्द की स्थिति में योग शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। सही योगासन और नियमित अभ्यास से न सिर्फ पीठ और कमर दर्द से राहत मिलती है, बल्कि शरीर में नई ऊर्जा और मजबूती भी आती है।
