
भोपाल: मध्य प्रदेश के वन विभाग (वन महकमे) के गलियारों में इन दिनों केवल एक ही सवाल गूंज रहा है— “किसकी होगी चीफ वाइल्ड लाइफ वाली कुर्सी?” हाल ही में वन बल प्रमुख के पद पर एक जूनियर अफसर की ताजपोशी ने पहले ही सबको हैरान कर दिया था, लेकिन अब असली मुकाबला खाली हुए चीफ वाइल्ड लाइफ पद के लिए शुरू हो चुका है। ब्यूरोक्रेसी के गलियारों में चल रही चर्चाओं ने सियासी और प्रशासनिक पारा बढ़ा दिया है।
मैदान में कौन है आगे?
सूत्रों की मानें तो इस प्रतिष्ठित कुर्सी की रेस में एक तेज-तर्रार महिला आईएफएस (IFS) अफसर का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। विभाग में वे अपनी अनुशासित कार्यशैली और सख्त फैसलों के लिए जानी जाती हैं। चर्चा है कि उनके नाम पर मुहर लगना लगभग तय है, लेकिन कहानी में एक दिलचस्प मोड़ आ गया है।
दिल्ली से भोपाल तक बिछ रही है बिसात
खबर है कि इस रेस में सिर्फ काबिलियत ही नहीं, बल्कि ‘संपर्कों’ का खेल भी शुरू हो गया है। एक अन्य जूनियर आईएफएस अफसर ने भी इस पद के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बताया जा रहा है कि ‘साहब’ अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए भोपाल से लेकर दिल्ली तक के रसूखदार संपर्कों का सहारा ले रहे हैं।
सरकार के मन में क्या है?
फिलहाल, राज्य सरकार ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ‘अपनों’ और ‘काबिल’ के बीच जारी इस रस्साकशी ने वन विभाग के अधिकारियों के बीच कौतूहल पैदा कर दिया है। क्या सरकार किसी अनुभवी और सख्त छवि वाले अफसर को चुनेगी, या फिर दिल्ली के ‘कनेक्शन’ बाजी मार ले जाएंगे?
फिलहाल तो अटकलों का बाजार गर्म है और सबकी निगाहें मुख्यमंत्री और वन मंत्री के अगले कदम पर टिकी हैं।









