
सार
वैश्विक स्तर पर कंप्यूटर हार्डवेयर के दाम बढ़ने का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर इस साल कुल मिलाकर 30–35% तक महंगे हो सकते हैं। इसकी शुरुआत मार्च से ही देखने को मिल सकती है, जब कंपनियां कीमतों में लगभग 10% तक की नई बढ़ोतरी कर सकती हैं।
दरअसल, कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख कंपोनेंट्स जैसे मेमोरी चिप, GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसर) और अन्य सेमीकंडक्टर पार्ट्स के दाम वैश्विक बाजार में तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके कारण पिछले कुछ महीनों में पहले ही लगभग 12% कीमत बढ़ चुकी है, और आने वाले महीनों में यह बढ़ोतरी और जारी रह सकती है।
क्यों बढ़ रहे हैं लैपटॉप और डेस्कटॉप के दाम?
मेमोरी और GPU की कीमतों में तेज उछाल
लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमत तय करने में सबसे बड़ा हिस्सा उनके हार्डवेयर कंपोनेंट्स का होता है। हाल के महीनों में DRAM और NAND मेमोरी चिप्स के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसके अलावा GPU और हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर की मांग भी तेजी से बढ़ी है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गेमिंग और डेटा सेंटर सेक्टर के कारण।
कंपनियों का कहना है कि इन कंपोनेंट्स की लागत बढ़ने से उन्हें अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। कई ब्रांड पहले ही कीमतों में 10–12% तक की बढ़ोतरी कर चुके हैं, और मार्च या उसके बाद एक और राउंड की बढ़ोतरी संभव है।
सप्लाई चेन और डॉलर की कीमत भी कारण
आयात पर निर्भरता का असर
भारत में बिकने वाले ज्यादातर लैपटॉप और कंप्यूटर पार्ट्स आयात किए जाते हैं। ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, वैश्विक सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स लागत का भी सीधा असर पड़ता है।
इसके अलावा एआई कंप्यूटिंग और हाई-एंड ग्राफिक्स की बढ़ती मांग के कारण कई कंपनियां अपने GPU और मेमोरी चिप्स का बड़ा हिस्सा बड़े डेटा सेंटर और एआई प्रोजेक्ट्स को दे रही हैं। इससे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए सप्लाई सीमित हो रही है और कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने?
अभी खरीदना फायदेमंद हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई उपभोक्ता नया लैपटॉप या डेस्कटॉप खरीदने की योजना बना रहा है, तो कीमत बढ़ने से पहले खरीदना फायदेमंद हो सकता है।
संभावित असर:
स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए डिवाइस खरीदना महंगा हो सकता है
गेमिंग और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटर की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है
कंपनियां नए मॉडल लॉन्च करते समय उच्च कीमत तय कर सकती हैं
हालांकि कुछ ब्रांड ऑफर और फेस्टिव डिस्काउंट के जरिए कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश भी कर सकते हैं।









