
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों, ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति और डिजिटल विकास पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी तकनीक से बने फास्ट ब्रीडर रिएक्टर द्वारा ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल करने को भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।
पीएम मोदी ने पवन ऊर्जा क्षेत्र में भारत की तेजी से बढ़ती क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश 56 गीगावाट से अधिक क्षमता के साथ दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। उन्होंने इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वैश्विक चुनौतियों के बीच भगवान बुद्ध के संदेशों की प्रासंगिकता पर भी जोर दिया और शांति एवं सौहार्द का संदेश दिया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने डिजिटल जनगणना-2027 का उल्लेख करते हुए नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की। पीएम ने कहा कि पहली बार लोगों को स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी जा रही है, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी। मन की बात कार्यक्रम में अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई, जिनमें विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की प्रगति, राष्ट्रीय विकास में वैज्ञानिकों की भूमिका और जनभागीदारी की आवश्यकता शामिल रही। ‘मन की बात’ का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया गया, जिसे देशभर में बड़ी संख्या में लोगों ने सुना।
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