
छतरपुर/लवकुशनगर: प्रकाश बम्होरी थाना क्षेत्र के ग्राम बदौराकला निवासी सुनील खंगार ने अपने चाचा राजदेव खंगार की मौत को संदिग्ध बताते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। सुनील खंगार का आरोप है कि 21 मार्च 2026 को उनके चाचा और उनकी गोद ली हुई पुत्री को गांव के ही नन्हू उर्फ भानुप्रताप यादव, उनके पुत्र अभिषेक यादव और छोटू यादव ने स्कॉर्पियो वाहन में बैठाकर ले गए थे।
दूसरे दिन भानुप्रताप यादव चाचा का शव लेकर आए और दावा किया कि उनकी मृत्यु हो गई है। सुनील खंगार ने बताया कि उनके चाचा स्वस्थ थे और किसी बीमारी से पीड़ित नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पोस्टमार्टम नहीं करवाने दिया और शव को जबरन जमीन में दफना दिया, जबकि हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दाह संस्कार होना चाहिए था।
सुनील खंगार ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनका आवेदन खारिज कर दिया गया और थाना प्रभारी सुमित सुमन ने उल्टा फंसाने की धमकी दी। फरियादी का आरोप है कि थाना प्रभारी सत्ता पक्ष के नेताओं से संरक्षण प्राप्त है और गरीब व असहाय लोगों को खाकी का खौफ दिखाकर धमका रहा है।
पीड़ित सुनील खंगार अब डीजीपी कार्यालय जाकर न्याय की मांग करेंगे और जब तक कार्रवाई नहीं होती, वहां धरने पर बैठने की तैयारी में हैं। स्थानीय लोग भी थाना प्रभारी के अवैध वसूली और छवि धूमिल करने की शिकायत कर रहे हैं।
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