
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर चल रहे विवाद के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए नीति में बदलाव किया है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने घोषणा की है कि अब नए स्मार्ट/प्रीपेड मीटर नहीं लगाए जाएंगे और मौजूदा स्मार्ट मीटर भी पोस्टपेड प्रणाली की तरह कार्य करेंगे।
सरकार के इस निर्णय के अनुसार अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिजली का बिल मिलेगा। साथ ही बकाया राशि जमा करने के लिए किस्तों की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में एक महीने के भीतर बिजली कनेक्शन न काटा जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर व्यापक स्तर पर विरोध हो रहा था, जिसके चलते सरकार ने यह यू-टर्न लिया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिजली व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाया जा सकेगा।
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