भारत-म्यांमार रक्षा संबंधों को नई मजबूती, नेपीडॉ में एडमिरल दिनेश त्रिपाठी की अहम बैठक

नेपीडॉ/नई दिल्ली: भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. इस बैठक में उनके चार समुद्री आधिकारिक दौरे का अहम हिस्सा रही, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री सहायता के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। बैठक के दौरान भारत और म्यांमार के बीच स्थायी रक्षा सुनिश्चित की समीक्षा की गई और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों स्टार्स ने इस बात पर सहमति जताई कि समुंद्र रक्षा सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

भारतीय नौसेना के अनुसार, बातचीत में चल रही संयुक्त टीम, प्रशिक्षण कार्यक्रम और भविष्य में सामूहिक काम करने के नए सिरे से विस्तार पर भी चर्चा हुई। इससे स्पष्ट हुआ कि दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी मजबूत हो रही है। दौरे के दौरान एडमिरल दिनेश के. ये उपकरण समुद्री सुरक्षा और प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे, खासकर बंगाल के खाड़ी क्षेत्र में।

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इसके अलावा उन्होंने यांगून में सेंट्रल नेवल कमांड का दौरा किया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। उन्होंने म्यांमार नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों-रियर एडमिरल आंग आंग नाइंग और सहयोगी एडमिरल खुन आंग क्याव से अलग-अलग मुलाकात कर ऑपरेशनल सहयोग, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर चर्चा की।

एडमिरल ट्रायल ने म्यांमार नेवेल ट्रेनिंग कमांड का भी दौरा किया और भारत की सहायता से विकसित किए गए एडमिरल का निरीक्षण किया। उन्होंने ‘मोबाइल ट्रेनिंग टीम’ के कार्य की देखरेख करते हुए कहा कि भारत म्यांमार की रक्षा मजबूती को बहाल करने के लिए है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता कम हो रही है। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि इस तरह की उच्च स्तरीय यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास और साझेदारी को और मजबूत बनाती है।

एडमिरल ट्रिपल की यह चार दिव्य यात्रा मंगलवार को समाप्त होगी। इस दौरान एकजुट और समसामयिक बिंदु भविष्य में संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और रक्षा सहयोग की दिशा तय करेंगे।

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    Rashel Kachwah Rajput

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