
ग्वालियर/ भरत रावत: जिले में शिक्षकों के अटैचमेंट को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के निर्देशों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी स्वीटी मंगल ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों BEO को आदेश जारी कर अटैच शिक्षकों को तत्काल उनकी मूल पदस्थापना पर भेजने के निर्देश दिए हैं।
कोई भी शिक्षक अनधिकृत रूप से अन्यत्र अटैच नहीं
जारी आदेश में कहा गया है कि यदि कोई शिक्षक अपनी मूल संस्था छोड़कर किसी अन्य विद्यालय, कार्यालय या विभाग में अटैच होकर कार्य कर रहा है, तो उसे तत्काल मूल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी बीईओ से प्रमाण-पत्र भी मांगा गया है कि उनके विकासखंड में कोई भी शिक्षक अनधिकृत रूप से अन्यत्र अटैच नहीं है।
मूल पदस्थापना पर उपस्थित रहना आवश्यक
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षकों की ऑनलाइन ई-अटेंडेंस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी शिक्षकों का अपनी मूल पदस्थापना पर उपस्थित रहना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभाग ने यह कार्रवाई शुरू की है।
शिक्षकों को नियमों के अनुरूप जिम्मेदारी सौंपी गई
इस बीच जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी AEO सुनेजा ने स्पष्ट किया कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत कार्यरत शिक्षकों को नियमों के अनुरूप जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में संचालित हो रहा है और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा NCF के तहत प्रौढ़ शिक्षा भी शैक्षणिक गतिविधियों का हिस्सा है। इस संबंध में शासन स्तर पर पत्राचार किया गया है और अंतिम निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शासन के निर्देशों के अनुसार समान नियम लागू
जिला शिक्षा अधिकारी स्वीटी मंगल ने बताया कि बीईओ से रिपोर्ट मंगाई जा रही है और अधिकांश अधिकारियों ने अपने स्तर पर अटैचमेंट समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रौढ़ शिक्षा विभाग में भी किसी प्रकार का अटैचमेंट पाया जाता है, तो उस पर भी शासन के निर्देशों के अनुसार समान नियम लागू होंगे। सभी शिक्षकों को उनकी मूल शैक्षणिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।
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