
भोपाल/ आदि मिश्रा: राजधानी भोपाल में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर हो रही सीलिंग कार्रवाई और जारी किए जा रहे नोटिसों के विरोध में व्यापारियों का आक्रोश सामने आया। शहर के अलग-अलग व्यापारिक संगठनों से जुड़े व्यापारियों ने प्रदर्शन कर प्रशासन और सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। व्यापारियों ने वर्षों से संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द मास्टर प्लान लागू करने और मिश्रित भूमि उपयोग नीति को स्पष्ट करने की मांग की।
सीलिंग कार्रवाई से कारोबार प्रभावित होने का दावा
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना है कि शहर में लंबे समय से कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। इन प्रतिष्ठानों के माध्यम से व्यापारी अपना कारोबार और परिवार का रोजगार चला रहे हैं। ऐसे में अचानक नोटिस और सीलिंग कार्रवाई होने से व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो रही है।
व्यापारियों ने कहा कि कई इलाकों में वर्षों से बाजार और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका इन्हीं दुकानों और प्रतिष्ठानों पर निर्भर है। ऐसे में कार्रवाई से पहले स्पष्ट नीति और स्थायी समाधान जरूरी है।
मास्टर प्लान को लेकर उठाई आवाज
व्यापारी संगठनों ने सरकार से भोपाल के लिए मास्टर प्लान को जल्द लागू करने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि शहर के विकास और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर स्पष्ट नियम होने चाहिए, ताकि कारोबारियों को बार-बार नोटिस और कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
उनका कहना है कि शहर का विस्तार लगातार हो रहा है और कई क्षेत्रों में आवासीय तथा व्यावसायिक गतिविधियां एक साथ संचालित हो रही हैं। ऐसे में मिश्रित भूमि उपयोग को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाना जरूरी है।
मिश्रित भूमि उपयोग नीति स्पष्ट करने की मांग
व्यापारियों ने प्रदर्शन के दौरान मिश्रित भूमि उपयोग नीति को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में लंबे समय से दुकानें, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां नियमों को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए।
व्यापारी नेताओं ने कहा कि यदि नियमों में बदलाव किया जाता है तो पुराने प्रतिष्ठानों और कारोबारियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारियों को अचानक कार्रवाई के दायरे में लाने के बजाय व्यावहारिक समाधान निकाला जाना चाहिए।
व्यापारियों ने सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। यदि सीलिंग कार्रवाई और नोटिसों को लेकर जल्द कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापारी संगठनों की ओर से आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। इस दौरान व्यापारियों ने सरकार से ऐसी नीति बनाने की अपील की, जिससे शहर का नियोजित विकास भी हो और वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारियों का रोजगार भी सुरक्षित रहे।
कारोबार और रोजगार बचाने की मांग
व्यापारियों का कहना है कि उनका विरोध नियमों और शहर के विकास के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें विकास के साथ कारोबारियों के हितों की भी रक्षा हो। उनका कहना है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई का सीधा असर दुकानदारों, कर्मचारियों और उनसे जुड़े परिवारों की आजीविका पर पड़ता है।
फिलहाल व्यापारियों ने सरकार से मास्टर प्लान को जल्द लागू करने, मिश्रित भूमि उपयोग नीति को स्पष्ट करने और सीलिंग व नोटिस की कार्रवाई को लेकर व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है।
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