
भोपाल/ आदि मिश्रा: नगर निगम भोपाल के मुख्यालय में अधिकारियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। यहां एक बैठक के बाद निगम के दो अधिकारियों के बीच जमकर बहस हुई। मामला इतना बढ़ गया कि जूनियर अधिकारी पर अपने सीनियर को कथित तौर पर धमकी देने और जूता निकालने की कोशिश करने के आरोप लगे हैं। घटना के दौरान मौके पर मौजूद दूसरे अधिकारी ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।
दरोगाओं की बैठक के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार नगर निगम मुख्यालय में सभी दरोगाओं की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक खत्म होने के बाद मुख्यालय के बाहर किसी मुद्दे को लेकर अधिकारियों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बातचीत तीखी नोकझोंक में बदल गई।
बताया जा रहा है कि विवाद जोन-9, नरेला विधानसभा क्षेत्र के HO सुमंदर शर्मा और AHO बलवीर मलिक के बीच हुआ। दोनों अधिकारियों के बीच बहस के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
सीनियर अधिकारी को दी खुली धमकी
आरोप है कि विवाद के दौरान AHO बलवीर मलिक ने अपने सीनियर अधिकारी सुमंदर शर्मा को खुले तौर पर धमकी दी। बहस के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “मैं मंत्री की भी नहीं सुनता।”
इस कथित बयान के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी स्थिति को लेकर चर्चा शुरू हो गई। निगम अधिकारियों के बीच इस तरह सार्वजनिक तौर पर विवाद सामने आने से विभागीय अनुशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जूता निकालने की कोशिश का आरोप
विवाद के दौरान स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब आरोप है कि AHO बलवीर मलिक ने जूता निकालने की कोशिश की। मौके पर मौजूद एक अन्य AHO ने बीच में आकर उन्हें रोक लिया, जिसके बाद मामला किसी बड़े टकराव में बदलने से बच गया।
घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने दोनों अधिकारियों के बीच हो रही तीखी बहस को देखा। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, इसे लेकर फिलहाल अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
जीप में रखा इस्तीफा दिखाने का दावा
विवाद के दौरान AHO बलवीर मलिक ने कथित तौर पर अपनी जीप में रखा एक लेटर भी दिखाया। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह कहते हुए पत्र दिखाया कि वह अपना इस्तीफा साथ लेकर चलते हैं।
इस घटनाक्रम ने विवाद को और चर्चा में ला दिया है। अधिकारी द्वारा इस्तीफे का पत्र साथ रखने की बात कहे जाने के बाद निगम के अंदर भी इस पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
निगम अधिकारियों के व्यवहार पर उठे सवाल
नगर निगम मुख्यालय जैसे स्थान पर अधिकारियों के बीच इस तरह की तीखी बहस और कथित धमकी का मामला सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खास तौर पर वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों के बीच अनुशासन तथा आपसी समन्वय को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दरोगाओं की बैठक के बाद मुख्यालय के बाहर हुआ यह विवाद अब निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में यदि वरिष्ठ स्तर से जांच होती है तो विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।
जांच और कार्रवाई पर रहेगी नजर
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर विवाद के दौरान दोनों अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक, धमकी और जूता निकालने की कोशिश की बात सामने आई है। हालांकि पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले को लेकर कोई विभागीय जांच या कार्रवाई करता है या नहीं। अधिकारियों के बीच सार्वजनिक रूप से हुए इस विवाद ने निगम की कार्यप्रणाली और अनुशासन व्यवस्था को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।
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