
मैहर/ देवेश शर्मा: बच्चों की शुरुआती शिक्षा को आधुनिक और रुचिकर बनाने के साथ उनके पोषण, स्वास्थ्य और समग्र विकास पर जोर देते हुए मैहर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी के निर्देशन में जिले की 112 सक्षम आंगनवाड़ियों को डिजिटल सुविधाओं, स्वच्छ पेयजल और खेल सामग्री से सुसज्जित किया गया है। अब इन केंद्रों पर बच्चों को पारंपरिक गतिविधियों के साथ डिजिटल माध्यम से भी सीखने का अवसर मिलेगा।
तीनों विकासखंडों में पहुंचीं आधुनिक सुविधाएं
जिले के तीन विकासखंडों में सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों को इस पहल से जोड़ा गया है। इनमें मैहर विकासखंड की 47, अमरपाटन की 27 और रामनगर की 38 आंगनवाड़ियां शामिल हैं। इन केंद्रों में बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा, मनोरंजन, स्वच्छ पेयजल और खेल से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के वातावरण को बच्चों के अनुकूल बनाना है, ताकि छोटे बच्चे केंद्र पर आने में रुचि लें और सीखने की प्रक्रिया को बोझ के बजाय मनोरंजन के रूप में अनुभव कर सकें।
32 इंच की LCD टीवी से होगी डिजिटल पढ़ाई
सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए 32 इंच की एलसीडी टीवी लगाई गई है। इसके साथ ऐसी पेनड्राइव भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें बच्चों की उम्र और सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक और मनोरंजक सामग्री शामिल है।
इन पेनड्राइव में कहानी, कार्टून, बाल गीत, मनोरंजक गतिविधियों और बच्चों के लिए उपयोगी शैक्षणिक वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जरूरत के अनुसार इन वीडियो का इस्तेमाल बच्चों को अलग-अलग विषयों को समझाने और उनकी सीखने की क्षमता को विकसित करने के लिए कर सकेंगी।
एक बटन से बच्चों को मिलेगी ऑडियो-विजुअल शिक्षा
डिजिटल सुविधा की खास बात यह है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता टीवी में पेनड्राइव लगाकर रिमोट की मदद से बच्चों को अलग-अलग वीडियो दिखा सकेंगी। इससे बच्चों को केवल मौखिक या पारंपरिक तरीके से सीखने के बजाय देखने और सुनने के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा।
कहानी और बाल गीतों के जरिए बच्चों को नई बातें समझाने के साथ मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से उनकी भागीदारी भी बढ़ाई जा सकेगी। इससे छोटे बच्चों में सीखने के प्रति स्वाभाविक रुचि पैदा करने और उनकी समझ को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्वच्छ पेयजल के लिए लगाए गए वाटर फिल्टर
बच्चों की शिक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी प्राथमिकता दी गई है। सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए वाटर फिल्टर लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को केंद्र पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर छोटे बच्चों की नियमित उपस्थिति को देखते हुए साफ पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्वच्छ पेयजल की सुविधा से बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी।
झूला और फिसलपट्टी से खेल-खेल में विकास
बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों में बड़े आकार के खेल उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें झूला, फिसलपट्टी और अन्य खेल सामग्री शामिल है।
खेल गतिविधियां बच्चों के लिए केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए उनमें शारीरिक सक्रियता, संतुलन, समन्वय और सामाजिक व्यवहार जैसे कौशल भी विकसित होते हैं। प्रशासन की कोशिश है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ाई और पोषण के साथ खेल गतिविधियों को भी पर्याप्त महत्व मिले।
पोषण केंद्र से आगे सीखने का आकर्षक स्थान बनाने की कोशिश
आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाने की इस पहल का व्यापक उद्देश्य इन्हें केवल पोषण आहार वितरण तक सीमित नहीं रखना है। इन्हें बच्चों के लिए शिक्षा, खेल, मनोरंजन और सीखने का आकर्षक केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
डिजिटल टीवी, शैक्षणिक वीडियो, कहानियां, बाल गीत और खेल सामग्री के माध्यम से केंद्रों का वातावरण बच्चों के लिए अधिक रुचिकर बनाने का प्रयास किया गया है। इससे बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और उन्हें खेल-खेल में नई चीजें सिखाने में भी मदद मिल सकती है।
बच्चों के समग्र विकास पर फोकस
मैहर जिले में 112 सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किए जाने से शुरुआती बाल विकास की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डिजिटल शिक्षा के साथ स्वच्छ पेयजल और खेल सुविधाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने से बच्चों के सीखने और विकास के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने का प्रयास किया गया है।
कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी के निर्देशन में की गई इस पहल के जरिए प्रशासन का फोकस आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक आधुनिक, आकर्षक और बच्चों की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर है। आने वाले समय में इन सुविधाओं के प्रभाव से बच्चों में सीखने की रुचि, खेल गतिविधियों में भागीदारी और आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रति आकर्षण बढ़ने की उम्मीद है।
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