
भोपाल/ आदि मिश्रा: ‘वंदे मातरम’ को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। भोपाल में मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ कांग्रेस का गीत है, जिसे आजादी की लड़ाई के दौरान कांग्रेस ने देशवासियों को प्रेरित करने के लिए इस्तेमाल किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस गीत को राष्ट्रभक्ति के भाव से जोड़ने के बजाय राजनीतिक विभाजन पैदा करने के लिए इस्तेमाल कर रही है।
‘वंदे मातरम’ को लेकर BJP पर लगाया राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप
मुकेश नायक ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ का देश के स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा संबंध रहा है। उनके मुताबिक आजादी की लड़ाई के दौरान इस गीत ने लोगों में देशभक्ति और संघर्ष की भावना पैदा करने का काम किया था।
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा समय में इस गीत को लेकर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, उसका उद्देश्य राष्ट्रभक्ति से ज्यादा समाज में विभाजन पैदा करना है। नायक ने कहा कि राष्ट्रीय भावना से जुड़े प्रतीकों को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय उनके ऐतिहासिक संदर्भ को समझना चाहिए।
बोले- पहले गीत का पूरा इतिहास समझें
कांग्रेस नेता ने बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सलाह देते हुए कहा कि इस विषय पर बयान देने से पहले उन्हें ‘वंदे मातरम’ का पूरा गीत, उसका अर्थ और उसका इतिहास जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय गीत या प्रतीक को लेकर राजनीतिक बयान देने से पहले उसके ऐतिहासिक संदर्भ की जानकारी होना जरूरी है।
मुकेश नायक ने तंज कसते हुए कहा कि केवल कुछ पंक्तियों या राजनीतिक संदर्भों के आधार पर ‘वंदे मातरम’ को देखने के बजाय इसके पूरे इतिहास को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका और उसके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा संबंध
मुकेश नायक ने दावा किया कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम’ का इस्तेमाल लोगों को एकजुट करने और आजादी के संघर्ष के लिए प्रेरित करने में किया था। उनके अनुसार उस दौर में यह गीत देशवासियों के बीच राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करने का माध्यम बना।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के योगदान को देखते हुए ‘वंदे मातरम’ को लेकर बीजेपी की ओर से किए जा रहे राजनीतिक दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
‘राष्ट्रभक्ति को राजनीति का हथियार न बनाएं’
कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि देश के राष्ट्रीय प्रतीकों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े गीतों को लेकर समाज को जोड़ने वाली राजनीति होनी चाहिए, न कि लोगों के बीच मतभेद पैदा करने वाली।
नायक ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ को लेकर विवाद खड़ा करने के बजाय इसके इतिहास और महत्व को समझने की जरूरत है। उन्होंने बीजेपी से अपील की कि वह इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी करने से पहले गीत के ऐतिहासिक संदर्भ और अर्थ को ठीक से समझे।
बयान के बाद सियासी बहस तेज होने के आसार
मुकेश नायक के इस बयान के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में ‘वंदे मातरम’ को लेकर बहस और तेज होने के आसार हैं। कांग्रेस जहां इसे स्वतंत्रता आंदोलन और अपने ऐतिहासिक योगदान से जोड़ रही है, वहीं बीजेपी की ओर से इस मुद्दे पर अलग राजनीतिक रुख सामने आ सकता है।
फिलहाल कांग्रेस नेता के बयान ने प्रदेश की सियासत में एक नया राजनीतिक मुद्दा जरूर खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि बीजेपी की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और ‘वंदे मातरम’ को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी किस दिशा में आगे बढ़ती है।
ये भी पढ़े: जेन अल्फा के प्रदर्शन ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल, स्कूलों में शिक्षक से लेकर शौचालय तक की कमी
- mukesh-nayak-targets-bjp-over-vande-mataram-congress-bhopal








