
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: साइबर ठग अब लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए नए नए तरीके अपना रहे हैं। शिवपुरी शहर के पुरानी शिवपुरी क्षेत्र में सामने आया एक मामला इसी तरह की साइबर ठगी की ओर इशारा कर रहा है। यहां एक व्यक्ति को अज्ञात नंबर से फोन आया और उससे पुराने सिक्के बेचने को लेकर सवाल किया गया। बातचीत ज्यादा आगे नहीं बढ़ी और फोन कट गया, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद शिकायतकर्ता का WhatsApp अकाउंट कथित तौर पर हैक हो गया। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति उसके परिचितों को WhatsApp कॉल और मैसेज कर रुपयों की मांग करने लगा।
पुराने सिक्कों की बिक्री को लेकर आया था फोन
महल सराय निवासी राजेश सौलखिया ने साइबर सेल में शिकायत देकर बताया कि 21 अगस्त की दोपहर करीब 2:30 बजे उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उनसे पूछा कि क्या वह पुराने सिक्के बेचते हैं।
राजेश के पास कुछ पुराने सिक्के होने की बात बताने के बाद सामने वाले व्यक्ति ने अचानक फोन काट दिया। उस समय शिकायतकर्ता को बातचीत में किसी बड़े साइबर खतरे का अंदाजा नहीं हुआ। लेकिन फोन कटने के बाद कुछ ही समय में उनके WhatsApp अकाउंट से जुड़ी समस्या सामने आने लगी।
फोन कटते ही WhatsApp पर हुआ कब्जा
शिकायतकर्ता के अनुसार फोन कटने के बाद उनका WhatsApp काम करना बंद हो गया। इसी दौरान उनके परिचितों से जानकारी मिलने लगी कि उनके नंबर से लोगों को कॉल और मैसेज किए जा रहे हैं।
बताया गया कि अज्ञात व्यक्ति उनके WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर परिचितों और अन्य लोगों से कथित तौर पर रुपये मांग रहा था। जब दोस्तों और परिचितों ने राजेश से इस संबंध में संपर्क किया, तब उन्हें पता चला कि उनके WhatsApp अकाउंट का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद राजेश ने अपने स्तर पर WhatsApp को दोबारा चालू करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया।
परिचितों को कॉल और मैसेज कर मांगे रुपये
साइबर ठगों द्वारा लोगों के WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर उनके संपर्कों से पैसे मांगने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इस मामले में भी अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता की पहचान का फायदा उठाने की कोशिश की।
परिचितों को जब उसी WhatsApp नंबर से संदेश या कॉल पहुंचा तो उन्होंने इसे राजेश की ओर से भेजा गया संदेश समझा। बाद में जब लोगों ने राजेश से संपर्क किया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
इस तरह के मामलों में ठग अक्सर किसी व्यक्ति के परिचितों के बीच उसकी पहचान और भरोसे का फायदा उठाकर पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि अचानक किसी परिचित के नंबर से पैसों की मांग आने पर सीधे कॉल कर पुष्टि करना जरूरी हो जाता है।
मोबाइल और दूसरे अकाउंट के दुरुपयोग की आशंका
राजेश सौलखिया ने साइबर सेल को दिए आवेदन में आशंका जताई है कि WhatsApp अकाउंट पर नियंत्रण हासिल करने के बाद आरोपी उनके मोबाइल नंबर या अन्य डिजिटल अकाउंट का भी दुरुपयोग कर सकता है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल उनका WhatsApp काम नहीं कर रहा है। ऐसे में उन्हें चिंता है कि आरोपी उनके नाम और नंबर का इस्तेमाल कर और लोगों को ठगी का शिकार बना सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने साइबर सेल से अपने WhatsApp अकाउंट को दोबारा चालू कराने में मदद करने और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
22 अगस्त को साइबर सेल में दिया आवेदन
शिकायतकर्ता ने 22 अगस्त को साइबर सेल में आवेदन देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आवेदन में अज्ञात व्यक्ति द्वारा किए गए फोन, उसके बाद WhatsApp के कथित रूप से हैक होने और परिचितों से रुपये मांगने की जानकारी दी गई है।
अब साइबर सेल मामले में शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर जांच कर सकती है। अज्ञात नंबर से आए कॉल और उसके बाद WhatsApp अकाउंट में हुई गतिविधियों की पड़ताल से आरोपी तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
पुराने सिक्कों के नाम पर शुरू हुआ संपर्क बना साइबर खतरे का कारण
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि संपर्क की शुरुआत पुराने सिक्कों को बेचने से जुड़े एक साधारण सवाल से हुई। फोन करने वाले ने केवल यह पूछा कि क्या शिकायतकर्ता पुराने सिक्के बेचते हैं और जवाब मिलने के बाद फोन काट दिया।
इसके बाद WhatsApp अकाउंट के कथित रूप से हैक होने की बात सामने आई। ऐसे में शिकायतकर्ता को संदेह है कि कॉल के पीछे का उद्देश्य पुराने सिक्कों की जानकारी लेना नहीं, बल्कि उनके मोबाइल नंबर या WhatsApp अकाउंट तक पहुंच बनाना हो सकता है। हालांकि यह वास्तव में किस तकनीक या तरीके से किया गया, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
साइबर ठगी से बचने के लिए रहें सतर्क
इस घटना से यह भी साफ है कि अनजान नंबर से आने वाली छोटी-सी कॉल को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर OTP, verification code, WhatsApp registration code या अन्य निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
यदि अचानक WhatsApp बंद हो जाए और उसी नंबर से परिचितों को रुपये मांगने वाले संदेश जाने लगें तो तुरंत अपने परिचितों को इसकी जानकारी दें और संबंधित डिजिटल अकाउंट की सुरक्षा के कदम उठाएं। साथ ही मामले की सूचना साइबर सेल या संबंधित पुलिस को देना जरूरी है।
फिलहाल शिवपुरी में सामने आए इस मामले में शिकायतकर्ता ने अपने WhatsApp अकाउंट को दोबारा चालू कराने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और साइबर सेल की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि WhatsApp अकाउंट तक आरोपी ने किस तरीके से पहुंच बनाई और इस पूरे मामले के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
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