
सागर/ मनीष कुमार चौबे: दिल्ली के जंतर मंतर पर आरक्षण व्यवस्था के विरोध में चल रहे आंदोलन के समर्थन में अब मध्य प्रदेश के सागर में भी सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। ब्राह्मण सभा, करणी सेना सहित अन्य संगठनों से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया और अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में सागर में प्रदर्शन
सवर्ण समाज के संगठनों का कहना है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में सागर में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाते हुए इसे लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आरक्षण व्यवस्था के विरोध में पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण को लेकर लंबे समय से विभिन्न वर्गों के बीच बहस जारी है और उनकी मांग है कि व्यवस्था की समीक्षा कर सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
जातिगत आरक्षण खत्म करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाया जाना चाहिए।
सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों का तर्क है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि से अलग हटकर अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने शिक्षा और सरकारी नौकरियों में योग्यता को प्राथमिकता देने की मांग भी रखी।
आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
ज्ञापन में आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति को बनाने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सहायता की आवश्यकता है और ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिसमें वास्तविक रूप से जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि आर्थिक आधार पर व्यवस्था लागू होने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। साथ ही उन्होंने शिक्षा और सरकारी नौकरियों में सभी वर्गों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
पुतला दहन के बाद प्रदर्शनकारी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी उनकी मांगों और आपत्तियों को रखा गया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि आरक्षण व्यवस्था में बदलाव को लेकर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
आंदोलन को व्यापक करने की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।
सवर्ण समाज के संगठनों ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था की मांग करना है, जिसमें सभी नागरिकों को समान अवसर मिलें और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सहायता उपलब्ध हो।
ब्राह्मण सभा और करणी सेना सहित कई संगठन रहे शामिल
विरोध प्रदर्शन में ब्राह्मण सभा और करणी सेना सहित सवर्ण समाज से जुड़े अन्य संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने एकजुटता दिखाते हुए आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई।
फिलहाल सागर में हुए इस प्रदर्शन के बाद आरक्षण व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस के आगे बढ़ने के संकेत हैं। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रख दी हैं और अब सरकार के स्तर पर इन मांगों को लेकर क्या रुख सामने आता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
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