
खजुराहो: विश्व प्रसिद्ध खजुराहो पश्चिमी समूह के मंदिरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मंदिर परिसर के मुख्य मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पैदल और ई-रिक्शा से आवागमन करते हैं। इसी मार्ग से भारी वाहनों की लगातार आवाजाही को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि हजारों टन वजन से लदे भारी ट्रकों के लगातार आवागमन से होने वाले कंपन का ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक संरचनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में विश्व धरोहर स्थल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की मांग उठ रही है।
मामले को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की स्थानीय व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, मंदिरों को नुकसान पहुंचाने या किसी अधिकारी की मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय स्तर पर प्रशासन से मांग की गई है कि खजुराहो पश्चिमी समूह के मंदिरों के आसपास भारी वाहनों की आवाजाही की तत्काल समीक्षा की जाए। साथ ही मार्ग का तकनीकी निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहनों के आवागमन से विश्व धरोहर की संरचनात्मक सुरक्षा प्रभावित न हो। विश्व धरोहर खजुराहो मंदिरों की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्ता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दीर्घकालिक यातायात व्यवस्था तैयार करने तथा मंदिर क्षेत्र को भारी वाहनों से सुरक्षित रखने की मांग की है।
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