
सार
धर्मेंद्र सिंह लोधी|टीकमगढ़। विद्युत विभाग ने मैदानी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कार्यशाला आयोजित की। इसमें लाइन कर्मचारियों और सब-स्टेशन ऑपरेटरों को सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की समझाइश दी गई। अधिकारियों ने कहा कि जल्दबाजी और लापरवाही विद्युत कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों का उपयोग और निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है।
विस्तार
सुरक्षा नियमों को कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने पर जोर
टीकमगढ़। विद्युत विभाग द्वारा मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में लाइन कर्मचारियों और सब-स्टेशन ऑपरेटरों को विद्युत कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि विद्युत कार्य बेहद जोखिमपूर्ण होता है। ऐसे में किसी भी तरह की जल्दबाजी या असावधानी कर्मचारी की जान को खतरे में डाल सकती है। कर्मचारियों को हर परिस्थिति में निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए ही कार्य करने की समझाइश दी गई।
‘सेफ्टी फर्स्ट’ की कार्यसंस्कृति विकसित करने पर जोर
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के बीच ‘सेफ्टी फर्स्ट’ की कार्यसंस्कृति विकसित करना और विद्युत दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करना रहा।
अधिकारियों ने कर्मचारियों से कहा कि सुरक्षा नियम केवल विशेष परिस्थितियों के लिए नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कार्यप्रणाली का अनिवार्य हिस्सा होने चाहिए। कर्मचारी अपनी सुरक्षा के साथ-साथ कार्यस्थल पर मौजूद सहयोगियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
अधिकारियों ने विद्युत उपभोक्ताओं से भी अपील की कि फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों के साथ सहयोग करें। विद्युत सुधार या मरम्मत के दौरान जल्दबाजी करने के बजाय कर्मचारियों को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के अनुसार काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल की समझाइश
कार्यशाला में कर्मचारियों को कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करने और विभागीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई। इस अवसर पर सहायक अभियंता शहर नितिन बॉथम एवं सहायक अभियंता उपसंभाग टीकमगढ़ विशाल तोमर सहित विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि सतर्कता, सुरक्षा नियमों का पालन और टीम के बीच बेहतर समन्वय के जरिए विद्युत दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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