
सार
दित्यपाल राजपूत | टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव में निजी खाद दुकानों पर किसानों ने खाद वितरण में अनियमितता और अधिक कीमत वसूलने के आरोप लगाए हैं। किसान लक्ष्मण लोधी का कहना है कि उनके पास 7 बोरी खाद का टोकन था, लेकिन जैन कृषि सेवा केंद्र पर उन्हें शुरुआत में आधी मात्रा देने की बात कही गई और बाद में 4 बोरी खाद 1450 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से दी गई। अन्य किसानों ने भी अलग-अलग दरों पर खाद मिलने का दावा किया है। वहीं भाव्या ट्रेड्स कंपनी पर एक किसान ने DAP के लिए 1600 रुपये प्रति बोरी मांगने का आरोप लगाया है। मामले में किसानों ने सीएम हेल्पलाइन और कृषि विभाग में शिकायत की है।
विस्तार
टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव में खाद वितरण को लेकर किसानों ने निजी खाद दुकानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि खाद की कमी के बीच टोकन व्यवस्था के बावजूद उन्हें निर्धारित मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है और कुछ दुकानदारों द्वारा कथित तौर पर अधिक कीमत मांगी जा रही है।
किसान लक्ष्मण लोधी के मुताबिक, उनके पास 7 बोरी खाद का टोकन था। आसपास खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने बड़ागांव स्थित जैन कृषि सेवा केंद्र से खाद लेने के लिए टोकन कटवाया। किसान का आरोप है कि दुकान पर शुरुआत में उन्हें खाद की कीमत 1600 रुपये प्रति बोरी बताई गई और टोकन के मुकाबले आधी यानी करीब तीन बोरी खाद देने की बात कही गई।
लक्ष्मण लोधी का कहना है कि उन्होंने इसका विरोध किया और काफी देर तक दुकानदार से बहस होती रही। आरोप है कि उन्हें शाम तक इंतजार कराया गया और बाद में 4 बोरी खाद 1450 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से दी गई। किसान ने सवाल उठाया कि जब उनके पास 7 बोरी का टोकन था तो उन्हें पूरी मात्रा क्यों नहीं दी गई।
इसी दुकान से खाद लेने वाले बड़ागांव के अन्य किसानों मनीराम, किशोरी, हरिराम, रामचरन और चिरोंजीदास ने भी खाद अधिक कीमत पर दिए जाने का आरोप लगाया है। किसानों का दावा है कि उन्हें करीब 1400 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद दी गई।
वहीं बड़ागांव की दूसरी निजी दुकान भाव्या ट्रेड्स कंपनी को लेकर भी किसानों ने शिकायत की है। किसान नाथूराम लोधी और कनई के मुताबिक, उनके पास खाद लेने के लिए 11 बोरी का टोकन था। जब वे दुकान पर खाद लेने पहुंचे तो दुकानदार की ओर से DAP IPL की कीमत 1600 रुपये प्रति बोरी बताई गई। किसानों ने अधिक कीमत होने की बात कहते हुए खाद नहीं ली।
इसके बाद किसानों ने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन और स्थानीय जिला कृषि अधिकारी से की है। किसानों ने मांग की है कि खाद की उपलब्धता, टोकन के अनुसार वितरण और दुकानों पर वसूली जा रही कीमत की जांच कराई जाए।
किसानों का कहना है कि खाद की कमी के कारण पहले ही उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में टोकन जारी होने के बाद भी पूरी मात्रा नहीं मिलना और कथित तौर पर अधिक कीमत की मांग किया जाना किसानों के लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा कर रहा है।
फिलहाल किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। खाद की वास्तविक बिक्री दर, दुकानदारों द्वारा वितरित मात्रा और टोकन के अनुसार वितरण की स्थिति कृषि विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। किसानों की शिकायत के बाद अब संबंधित विभाग की कार्रवाई पर नजर है।
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