
संभल में गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज से श्री कल्कि धाम तक 39.5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। पहले चरण के 15 किलोमीटर हिस्से के निर्माण का एस्टीमेट व्यय वित्त समिति से आगे बढ़ चुका है। करीब 140 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति का इंतजार है। सड़क बनने से कल्कि धाम के साथ 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
निर्माण को लेकर प्रक्रिया तेज
संभल में श्री कल्कि धाम तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी से जुड़ी बड़ी योजना पर काम आगे बढ़ रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज से श्री कल्कि धाम तक 39.5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग ने इसके निर्माण को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी है।
इस सड़क का निर्माण दो चरणों में किया जाना है। पहले चरण में खिरनी इंटरचेंज से वंशगोपाल होते हुए हसनपुर मार्ग तक सड़क विकसित की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में हसनपुर मार्ग से श्री कल्कि धाम तक सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
15 किलोमीटर हिस्से के लिए एस्टीमेट आगे बढ़ा
परियोजना के पहले चरण में हसनपुर मार्ग वाले करीब 15 किलोमीटर हिस्से के सड़क निर्माण का एस्टीमेट व्यय वित्त समिति के समक्ष रखा गया था। समिति से इसे आगे बढ़ाया जा चुका है। अब करीब 140 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति मिलने का इंतजार है।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सुनील प्रकाश के अनुसार, बजट और स्वीकृति मिलने के बाद सड़क निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस सड़क के निर्माण के लिए नक्शा भी तैयार हो चुका है। प्रस्तावित मार्ग को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला हिस्सा खिरनी इंटरचेंज से वंशगोपाल तीर्थ होते हुए हसनपुर मार्ग तक है। दूसरा हिस्सा हसनपुर मार्ग पर सैदनगली से जुड़ा है, जबकि तीसरा सैदनगली से मनोटा पुल तक का हिस्सा बताया गया है।
वर्ल्ड बैंक के सर्वे के आंकड़ों से तैयार हुआ एस्टीमेट
फोरलेन सड़क के निर्माण की योजना तैयार करने में लोक निर्माण विभाग ने अगस्त 2024 में वर्ल्ड बैंक की ओर से कराए गए सर्वे के आंकड़ों का इस्तेमाल किया है। इसी सर्वे के आधार पर सड़क की डिजाइन, मोटाई, निर्माण गुणवत्ता और अनुमानित लागत से संबंधित एस्टीमेट तैयार किया गया है।
इससे पहले जुलाई 2026 में भी इस सड़क को लेकर ट्रैफिक सर्वे कराया गया था। पीडब्ल्यूडी की टीम ने अलग-अलग प्रकार के वाहनों की आवाजाही का आकलन किया था। सर्वे में दोपहिया, चार पहिया, बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों की संख्या को देखा गया था। इन आंकड़ों का इस्तेमाल सड़क की डिजाइन और क्षमता तय करने में किया जाना था।
24 कोसीय परिक्रमा से भी जुड़ेगा मार्ग
प्रस्तावित फोरलेन सड़क की एक अहम कड़ी 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग से भी जुड़ती है। इससे परिक्रमा में आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। सड़क संपर्क बेहतर होने से धार्मिक स्थलों तक पहुंचने वाले मार्ग को भी अधिक सुगम बनाया जा सकेगा।
संभल में 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के विकास पर भी काम चल रहा है। जुलाई 2026 में प्रदेश सरकार ने करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से वंशगोपाल तीर्थ परिक्रमा मार्ग के निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की आधारशिला रखी थी। प्रस्तावित परिक्रमा मार्ग करीब 49.47 किलोमीटर लंबा है और 38 गांवों से होकर गुजरना है।
धार्मिक पर्यटन को मिल सकता है नया आधार
श्री कल्कि धाम के निर्माण के साथ संभल में धार्मिक पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे पर भी लगातार काम हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फरवरी 2024 में श्री कल्कि धाम मंदिर की आधारशिला रखी थी। उस समय उन्होंने कल्कि धाम को आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित होने की बात कही थी।
अब गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने वाली फोरलेन सड़क की योजना पूरी होने पर बाहर से आने वाले लोगों के लिए धाम तक पहुंचने का रास्ता अधिक सुविधाजनक हो सकता है। खासकर गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए आने वाले यात्रियों को खिरनी इंटरचेंज से आगे बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की योजना है।
फिलहाल परियोजना के पहले चरण के लिए बजट स्वीकृति की प्रक्रिया बाकी है। इसके बाद निर्माण से जुड़ी अगली कार्रवाई शुरू होगी। ऐसे में 39.5 किलोमीटर की यह सड़क केवल कल्कि धाम की कनेक्टिविटी ही नहीं, बल्कि संभल के धार्मिक पर्यटन और 24 कोसीय परिक्रमा क्षेत्र के सड़क नेटवर्क के लिए भी महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखी जा रही है।
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