
भारत की महान गायिका लता मंगेशकर ने जिंदगीभर शादी नहीं की। उनके निजी जीवन को लेकर कई चर्चाएं रहीं, लेकिन राज सिंह डूंगरपुर के साथ उनके रिश्ते का जिक्र सबसे ज्यादा मिलता है। दोनों की मुलाकात लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर के जरिए हुई थी और समय के साथ दोनों के बीच गहरी दोस्ती और लगाव की खबरें सामने आईं। हालांकि, दोनों का रिश्ता शादी में नहीं बदल सका।
28 सितंबर 1929 को इंदौर में जन्मीं लता मंगेशकर ने भारतीय संगीत को कई दशकों तक अपनी आवाज दी। 6 फरवरी 2022 को 92 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ। अपने लंबे करियर में उन्होंने हजारों गीतों को आवाज दी और भारत रत्न सहित देश के कई बड़े सम्मान हासिल किए। लेकिन उनकी पेशेवर उपलब्धियों के साथ उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा का विषय रही। खासकर यह सवाल कि इतनी प्रसिद्धि और सफलता के बावजूद उन्होंने कभी शादी क्यों नहीं की।
भाई की दोस्ती से हुई थी मुलाकात
लता मंगेशकर और राज सिंह डूंगरपुर की मुलाकात 1960 के दशक में हुई बताई जाती है। राज सिंह, लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर के करीबी दोस्त थे। क्रिकेट में रुचि रखने वाले राज सिंह का संबंध राजस्थान के डूंगरपुर के राजघराने से था। वह खुद क्रिकेट खेल चुके थे और बाद में क्रिकेट प्रशासन से भी जुड़े।
हृदयनाथ और राज सिंह की दोस्ती के कारण राज सिंह का मंगेशकर परिवार में आना-जाना हुआ। इसी दौरान लता और राज सिंह की दोस्ती बढ़ी। बाद में कई मीडिया रिपोर्टों में दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात कही गई।
हालांकि, इस रिश्ते को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि लता मंगेशकर ने सार्वजनिक रूप से इस संबंध पर विस्तार से कभी बात नहीं की। इसलिए उनकी निजी भावनाओं और रिश्ते की पूरी कहानी को लेकर सामने आई कई बातें रिपोर्टों और संस्मरणों पर आधारित हैं।
राजघराने से थे राज सिंह
राज सिंह डूंगरपुर, डूंगरपुर के तत्कालीन शासक महारावल लक्ष्मण सिंहजी के छोटे बेटे थे। वह खुद भी क्रिकेटर रहे और राजस्थान तथा सेंट्रल जोन के लिए रणजी और दलीप ट्रॉफी में खेले। बाद में वह भारतीय क्रिकेट प्रशासन में सक्रिय हुए और बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रहे।
लता मंगेशकर का परिवार दूसरी सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आता था। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि दोनों के रिश्ते को परिवारों की अलग-अलग पृष्ठभूमि के कारण शादी तक पहुंचने में मुश्किलें आईं। हालांकि, इन दावों के अलग-अलग संस्करण मिलते हैं।
राज सिंह ने 2004 में Mid-Day को दिए एक इंटरव्यू में अपने और लता के विवाह न होने को निजी मामला बताया था। उनके मुताबिक दोनों अलग-अलग पृष्ठभूमि से आते थे और उस दौर का सामाजिक माहौल भी अलग था। उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों अपने-अपने परिवारों से काफी जुड़े हुए थे।
लता ने परिवार की जिम्मेदारियां भी संभालीं
लता मंगेशकर की जिंदगी में परिवार की जिम्मेदारी बहुत कम उम्र में आ गई थी। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। वह अपने भाई-बहनों की देखभाल और उनके भविष्य को संवारने में भी लगी रहीं।
यही वजह है कि उनकी शादी को लेकर कई वर्षों तक अलग-अलग चर्चाएं होती रहीं। कुछ रिपोर्टों में परिवार की जिम्मेदारियों को उनकी अविवाहित जिंदगी का एक कारण बताया गया, जबकि राज सिंह डूंगरपुर के साथ उनका कथित रिश्ता दूसरी प्रमुख चर्चा रहा।
शादी नहीं हुई, लेकिन रिश्ता बना रहा
दिलचस्प बात यह है कि दोनों ने शादी नहीं की, लेकिन उनके बीच लंबे समय तक करीबी संबंध बने रहने की खबरें आती रहीं। राज सिंह ने अपने 2004 के इंटरव्यू में भी उनके रिश्ते को खत्म हो चुका अध्याय नहीं बताया था। उन्होंने लता के प्रति अपने लगाव और सम्मान की बात की थी।
लता मंगेशकर की निजी जिंदगी पर 1981 के India Today आर्काइव में भी राज सिंह डूंगरपुर को उनके करीबी साथी के रूप में उल्लेखित किया गया था। रिपोर्ट में दोनों की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती का जिक्र था।
इस तरह लता मंगेशकर का जीवन एक ऐसे अध्याय के साथ भी याद किया जाता है, जिसके बारे में उन्होंने खुद बहुत कम सार्वजनिक बातें कीं। संगीत उनके जीवन का सबसे बड़ा हिस्सा रहा और उन्होंने अपना पूरा जीवन गायन को समर्पित किया। राज सिंह डूंगरपुर के साथ उनका रिश्ता कितना गहरा था और शादी क्यों नहीं हुई, इसे लेकर कई दावे जरूर सामने आते रहे, लेकिन दोनों की ओर से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी सीमित है।
लता मंगेशकर की कहानी इसलिए भी खास है कि जहां उनकी आवाज ने करोड़ों लोगों को प्रेम, विरह और भावनाओं का एहसास कराया, वहीं उनकी अपनी निजी जिंदगी का यह अध्याय हमेशा रहस्य और खामोशी में ही रहा।
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