
पिछोर/ कुलदीप शर्मा: पिछोर बस स्टैंड पर सोमवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने विभिन्न स्थानीय समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन और आमसभा की। संगठन ने कथित अवैध शराब की बिक्री, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनसमस्याओं को लेकर प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा-कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए।
दोषी पाए जाने वाले पर कार्रवाई की मांग
नगर पिछोर में सोमवार को भीम आर्मी भारत एकता मिशन के तत्वावधान में स्थानीय मुद्दों और जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। पिछोर बस स्टैंड पर आयोजित आमसभा में संगठन के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में कथित तौर पर चल रहे अवैध शराब के कारोबार को प्रमुख मुद्दा बनाया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अवैध शराब की बिक्री की शिकायतों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
आमसभा के दौरान संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि आम लोगों से जुड़े मामलों में शिकायतों के निराकरण के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए संबंधित मामलों की जांच कराने की मांग रखी।
अवैध शराब की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछोर क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में अवैध शराब की बिक्री को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। संगठन का कहना है कि यदि इन शिकायतों की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर परिवारों और स्थानीय सामाजिक वातावरण पर भी पड़ता है। इसी को लेकर संगठन ने प्रशासन से संबंधित क्षेत्रों में जांच अभियान चलाने और शिकायतों पर कार्रवाई करने की मांग की।
महिलाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दे भी उठे
विरोध प्रदर्शन में महिलाओं और आम नागरिकों से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को लोगों की शिकायतें सुनकर उनके निराकरण की दिशा में काम करना चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में केवल आश्वासन के बजाय मौके पर कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से स्थानीय समस्याओं की जांच कराकर उनका समाधान कराने की मांग की।
भाजपा-कांग्रेस नेताओं की भूमिका पर सवाल
आमसभा के दौरान भाजपा और कांग्रेस से जुड़े स्थानीय नेताओं की भूमिका को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानीय मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया तथा नारेबाजी की।
संगठन की ओर से कहा गया कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, जनता से जुड़े मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों की समस्याओं को संबंधित मंचों तक पहुंचाएं और उनके समाधान के लिए प्रयास करें।
इसी दौरान क्षेत्रीय विधायक की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए और विभिन्न आरोप लगाए गए। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित नेताओं और विधायक का पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने प्रशासन से क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री से जुड़ी शिकायतों की जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जांच के दौरान यदि नियमों का उल्लंघन या अवैध गतिविधियां सामने आती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की भी जांच की मांग रखी। संगठन ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं को लेकर उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान सामने आए आरोपों और मांगों के संबंध में प्रशासन, संबंधित विभागों तथा भाजपा-कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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