
एक बड़े जिले के सांसदजी और युवा कलेक्टर साहब के बीच तनाव की खबरें लंबे वक्त से रही हैं। सांसदजी प्रदेश की राजधानी से लेकर दिल्ली तक साहब को हटाने के लिए जोर लगा चुके हैं, लेकिन कलेक्टर की कुर्सी है कि छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही। इसी बीच एक दिन सांसदजी को खबर मिली कि रात में आईएएस अफसरों की तबादला सूची जारी होने वाली है और उसमें कलेक्टर साहब का नाम भी शामिल है। फिर क्या था, सांसदजी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपने करीबियों को भी बता दिया कि अब विदाई का इंतजार करिए। सांसदजी को उम्मीद थी कि जिस कलेक्टर को हटाने के लिए वे लंबे समय से प्रयास कर रहे थे, उसका नाम इस बार तबादला सूची में जरूर आएगा।
लेकिन हुआ उलटा। आमतौर पर कलेक्टर के तबादले की खबरों को लेकर चर्चा करने वाले सांसदजी उस रात तबादला सूची के इंतजार में देर तक जागते रहे। रात करीब साढ़े 11 बजे सूची आई तो सांसदजी ने सबसे पहले अपने जिले के कलेक्टर का नाम तलाशा। लेकिन नाम नदारद था। जिस खुशी में रात उड़ गई थी, वह कुछ ही पलों में काफूर हो गई। जिस सूची से कलेक्टर की विदाई की उम्मीद की जा रही थी, उसमें उनका नाम नहीं होने से सांसदजी की उम्मीदों पर पानी फिर गया। लंबे समय से कलेक्टर को हटाने की कोशिशों के बाद भी जब सूची में नाम नहीं आया, तो यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया।
अब इसकी सबसे बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि युवा कलेक्टर की पोस्टिंग को लेकर ऊपर तक पहुंच बनी हुई थी। कलेक्टर साहब का नाम सूची में था, लेकिन जिस जिले में उनकी पोस्टिंग होनी थी, वहां के कलेक्टर का तबादला उस वक्त पर नहीं हो पाया। लिहाजा पूरी कवायद के बीच साहब का नाम भी कट गया। अब सांसदजी को अगली सूची का इंतजार करना होगा और समर्थकों को फिलहाल दिलासा देकर काम चलाना होगा। तस्वीर में दी गई खबर का मुख्य विषय यही है कि कलेक्टर के तबादले की उम्मीद में सांसदजी देर रात तक सूची का इंतजार करते रहे, लेकिन सूची में नाम नहीं आने से उनकी उम्मीद टू
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