
पन्ना| मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के देवेंद्र नगर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। देवेंद्र नगर बांध में विसर्जन के दौरान पांच युवक पानी में डूब गए। हादसे में 18 वर्षीय आयुष अग्रवाल और 25 वर्षीय कृष्णा सोनी की मौत हो गई। वहीं तीन युवकों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
विसर्जन के दौरान पांच युवक पानी में डूबे
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को देवेंद्र नगर बांध में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन किया जा रहा था। इसी दौरान पांच युवक गहरे पानी में चले गए। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और मछुआरों ने तुरंत बचाव की कोशिश शुरू की।
मृतकों की पहचान आयुष अग्रवाल, पिता शेष अग्रवाल और कृष्णा सोनी, पिता नारायण दास सोनी के रूप में हुई है। दोनों की उम्र क्रमशः 18 और 25 वर्ष बताई गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक प्रतिमा के नीचे दब गए थे, जिसके कारण उन्हें बाहर निकालने में काफी समय लगा।
तीन युवकों को बचाया गया, अस्पताल भेजा
हादसे में साहिल तिवारी, हरिओम द्विवेदी और करण सोनी को बचा लिया गया। तीनों को पानी से बाहर निकालने के बाद प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पन्ना जिला अस्पताल रेफर किया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू और देवेंद्र नगर के तहसीलदार सुमित तिवारी ने घटनास्थल का जायजा लिया। प्रशासन के मुताबिक, पांच युवकों के पानी में डूबने की सूचना मिलते ही बचाव दल ने कार्रवाई शुरू की थी।
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गोताखोरों की मौजूदगी को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद विसर्जन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शी रामकिशोर रैकवार का दावा है कि घटना के समय मौके पर प्रशासन की ओर से गोताखोर उपलब्ध नहीं थे और स्थानीय लोगों तथा मछुआरों ने बचाव की कोशिश की।
हालांकि, प्रशासनिक पक्ष इससे अलग है। तहसीलदार सुमित तिवारी के अनुसार, विसर्जन स्थल पर पुलिस, राजस्व, नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ गोताखोर भी तैनात थे। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग सामने आए हैं।
त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं
हादसे की खबर फैलते ही दोनों मृतकों के परिवारों में मातम छा गया। जिस जगह कुछ देर पहले दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर उत्सव का माहौल था, वहीं हादसे के बाद चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
इस घटना ने एक बार फिर जलाशयों और बांधों में प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं। गहरे पानी वाले स्थानों पर प्रशासनिक निगरानी, प्रशिक्षित गोताखोर और सुरक्षित विसर्जन व्यवस्था हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण हो सकती है
पन्ना के देवेंद्र नगर बांध में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए हादसे में दो युवकों की जान चली गई, जबकि तीन को बचा लिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक है और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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