
वीडियोकॉन समूह के पूर्व प्रमोटर वेणुगोपाल धूत को बैंकरप्ट घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की याचिका पर यह आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई वीडियोकॉन समूह से जुड़े ₹12,668 करोड़ के कथित लोन डिफॉल्ट मामले में की गई है। इस फैसले के साथ ही धूत के खिलाफ ऋण वसूली और दिवालियापन से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया ने एक अहम मोड़ ले लिया है।
बैंकिंग क्षेत्र में यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। वीडियोकॉन समूह पर बैंकों से लिए गए बड़े कर्ज की अदायगी नहीं करने का आरोप रहा है। SBI की ओर से NCLT में दायर याचिका के बाद न्यायाधिकरण ने मामले पर सुनवाई की और वेणुगोपाल धूत को बैंकरप्ट घोषित करने का आदेश जारी किया। इस कार्रवाई का उद्देश्य बकाया कर्ज से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया को लागू करना है।
NCLT के इस आदेश के बाद वेणुगोपाल धूत से जुड़े वित्तीय और कानूनी मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। ₹12,668 करोड़ के लोन डिफॉल्ट का मामला देश के बड़े कॉर्पोरेट ऋण मामलों में गिना जाता है। SBI की याचिका पर जारी यह आदेश बैंकिंग व्यवस्था में बड़े कर्ज की वसूली और जवाबदेही से जुड़े मामलों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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