
आज हम बात करेंगे उस वैज्ञानिक चमत्कार की, जिसका दावा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े मंचों से किया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि गंदी नाली की गैस से चाय बनाई जा सकती है, लेकिन आज आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इस दावे की ऐसी हवा निकाली है कि सरकार के पास जवाब नहीं बचा है। क्या सत्ता में बैठी सरकार केवल नारों और भ्रामक बातों से जनता को ‘पागल’ बनाने का काम कर रही है?
सत्ता के नशे में डूबी सरकार अक्सर ऐसे दावे करती है जो तर्क और विज्ञान की कसौटी पर विफल साबित होते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का वह चर्चित बयान आपको याद होगा, जिसमें उन्होंने नाली से निकलने वाली गैस का उपयोग कर चाय बनाने का सुझाव दिया था। आज सांसद संजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से इस ‘जुमले’ की परीक्षा ली
वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे नाली के ऊपर पाइप लगाकर गैस निकालने और चाय बनाने का प्रयास किया गया लेकिन कड़वी सच्चाई यह रही कि लाख कोशिशों के बाद भी वह तथाकथित ‘नाली वाली गैस’ नहीं जली। संजय सिंह ने एक-एक करके तीन बार माचिस जलाई, पाइप को ठीक से सेट किया, लेकिन चूल्हा नहीं जला
यह केवल एक चाय बनाने का असफल प्रयास नहीं है, बल्कि यह उस तंत्र पर प्रहार है जो जनता की आंखों में धूल झोंक कर उन्हें आत्मनिर्भरता के नाम पर गुमराह कर रहा है। जब देश में एलपीजी की कीमतें आसमान छू रही हैं, तब जनता को ‘नाली की गैस’ का सपना दिखाना क्या मजाक नहीं है?
सांसद संजय सिंह ने सीधा सवाल किया कि ‘मोदी जी, ये मैजिक क्यों नहीं चल रहा?
यह वीडियो चीख-चीख कर कह रहा है कि सरकार के दावे और धरातल की सच्चाई में जमीन-आसमान का अंतर है। क्या एक प्रधान सेवक को शोभा देता है कि वह ऐसी अवैज्ञानिक बातों से युवाओं और देश की जनता को भ्रमित करे?
ब्रैंडवाणी समाचार आपसे सवाल करता है क्या हम ऐसे ही खोखले दावों के आधार पर ‘विश्वगुरु’ बनेंगे? क्या जनता को महंगाई से राहत देने के बजाय उन्हें नाली के पास खड़ा कर देना ही सुशासन है? यह समय है जागने का और पूछने का कि आखिर कब तक यह ‘जुमला एक्सप्रेस’ जनता की बुद्धि का अपमान करती रहेगी।
देखते रहिए ब्रैंडवाणी समाचार, क्योंकि हम दिखाते हैं केवल सच का आईना।







