
टीकमगढ़/ दित्यपाल राजपूत: टीकमगढ़ जिले के पलेरा जनपद पंचायत के ग्राम अलोपा स्थित स्कूल में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। बच्चों का कहना है कि उन्हें कई बार मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिलता और भोजन मिलने पर भी केवल दाल-चावल परोसा जाता है। मामले की जांच की मांग उठ रही है।
मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिलने का आरोप
पलेरा। ग्राम अलोपा स्थित स्कूल में बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बच्चों का आरोप है कि स्कूल में निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में कई बार मध्यान्ह भोजन नहीं मिलने की बात भी बच्चों ने कही है।
बच्चों के मुताबिक जब भोजन मिलता है तो कई बार सिर्फ दाल-चावल ही परोसा जाता है। उनका आरोप है कि दाल में पानी अधिक होता है और चावल की मात्रा भी पर्याप्त नहीं रहती। इससे बच्चों को पेट भर भोजन नहीं मिल पाने की स्थिति बन रही है।
कई दिनों तक भोजन नहीं मिलने की शिकायत
स्कूल के बच्चों ने बताया कि मध्यान्ह भोजन नियमित रूप से नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी होती है। बच्चों का कहना है कि पिछले कुछ सप्ताह में कई बार उन्हें भोजन से वंचित रहना पड़ा। वहीं, भोजन मिलने पर भी मीनू में निर्धारित अलग-अलग खाद्य सामग्री की जगह केवल दाल-चावल दिए जाने का आरोप है।
मध्यान्ह भोजन का उद्देश्य स्कूल आने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, ताकि उनके पोषण के साथ-साथ स्कूल में उनकी नियमित उपस्थिति को भी बढ़ावा मिले। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और नियमितता को लेकर सामने आई शिकायतें गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल
मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार लोग शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। हालांकि अधिकारियों की ओर से इन आरोपों की पुष्टि या मामले में उनका पक्ष सामने नहीं आया है।
मध्यान्ह भोजन में कथित अनियमितताओं से जुड़े वीडियो सामने आने का भी दावा किया गया है। ऐसे में ग्रामीणों और बच्चों से मिली शिकायतों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
मामले में प्रशासन से स्कूल पहुंचकर मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की जांच कराने की मांग की गई है। जांच में यह देखा जाना जरूरी है कि बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन मिल रहा है या नहीं, भोजन की मात्रा और गुणवत्ता कैसी है तथा भोजन वितरण की प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित हो रही है या नहीं।
यदि जांच में अनियमितताएं सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी उठ रही है। फिलहाल मामले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बच्चों के पोषण पर ध्यान देने की जरूरत
मध्यान्ह भोजन स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए पोषण का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए भोजन की नियमितता, गुणवत्ता और निर्धारित मीनू का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। अलोपा के मामले में अब प्रशासन की जांच से यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है और व्यवस्था में कहां कमी रह गई।
बच्चों और अभिभावकों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि शिकायतें सही मिलती हैं तो व्यवस्था में तत्काल सुधार कराया जाए, ताकि बच्चों को नियमित रूप से पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।
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