
कुलदीप शर्मा | शिवपुरी/पिछोर, 2 अक्टूबर 2026। पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम बदरखा में पुरानी रंजिश को लेकर एक परिवार पर घर में घुसकर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना 30 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित परिवार ने पुष्पेंद्र लोधी, इंदर लोधी सहित करीब 20-25 लोगों पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया है। घटना में बीच-बचाव करने पहुंचे तीन ग्रामीणों के घायल होने की बात सामने आई है।
घर में घुसकर मारपीट का आरोप
पीड़ित विनोद परिहार के परिवार के मुताबिक, कथित हमलावर घर में घुसे और परिवार के बुजुर्ग माता-पिता के साथ मारपीट की। परिवार की महिलाओं ने भी अभद्रता करने और कपड़े फाड़ने की कोशिश किए जाने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित पक्ष के अनुसार, विवाद के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे शनि जाटव, संजीव जाटव और गजेंद्र भी घायल हो गए। परिवार का दावा है कि तीनों को धारदार हथियार से चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पीड़ित परिवार ने सुरक्षा की मांग की है।
हालांकि, हमले में शामिल बताए जा रहे लोगों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में दूसरे पक्ष का बयान भी सामने नहीं आया है।
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पुलिस की भूमिका पर भी उठाए सवाल
पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन बीच-बचाव करने के बजाय कुछ पुलिसकर्मी कथित तौर पर वीडियो बनाते रहे। परिवार का यह भी आरोप है कि घटना के बाद उनके खिलाफ ही कार्रवाई की गई, जबकि हमले में शामिल बताए जा रहे लोग गांव में खुलेआम घूम रहे हैं।
पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
एसपी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने 1 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक शिवपुरी के कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। पीड़ित पक्ष ने अधिकारियों से घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच करने और जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। अब पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के बयानों के बाद मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
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