
टीकमगढ़ के बल्देवगढ़ में चल रहे पांच दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव के तीसरे दिन दशरथ देवलोक गमन, भरत मिलाप और सीता हरण जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मौजूद रहे।
टीकमगढ़, 28 सितंबर 2026। संस्कृति विभाग द्वारा बल्देवगढ़ स्थित बलदाऊ जी मंदिर परिसर में आयोजित पांच दिवसीय श्रीरामलीला महोत्सव के तृतीय दिवस रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय और संवादों के माध्यम से दर्शकों के सामने रामायण के प्रसंगों को जीवंत किया। महोत्सव 26 से 30 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
दशरथ देवलोक गमन ने भावुक किया
रामलीला के तीसरे दिन राजा दशरथ के देवलोक गमन का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। पुत्र राम के वनवास के बाद दशरथ की पीड़ा और पुत्र वियोग की भावनाओं को कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से प्रभावी ढंग से सामने रखा। मंचन के दौरान दर्शकों के बीच भावुक माहौल देखने को मिला।
इसके बाद भरत मिलाप का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। भरत और श्रीराम के मिलन के दृश्य में भाईचारे, प्रेम, त्याग और समर्पण की भावना को प्रमुखता से दिखाया गया। कलाकारों के संवाद और अभिनय को दर्शकों ने सराहा।
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सीता हरण के मंचन ने खींचा ध्यान
महोत्सव के तीसरे दिन सीता हरण का प्रसंग भी मंचित किया गया। इस दौरान कलाकारों ने संवाद और अभिनय के जरिए प्रसंग को प्रभावशाली रूप दिया। सीता हरण के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
रामलीला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रवासी मौजूद रहे। पूरे परिसर में भगवान श्रीराम के जयघोष सुनाई देते रहे। भक्तिमय वातावरण के बीच दर्शकों ने कलाकारों के मंचन का आनंद लिया। बलदाऊ जी मंदिर परिसर में आयोजित यह महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान कर रहा है।
निष्कर्ष: बल्देवगढ़ में श्रीरामलीला महोत्सव के तीसरे दिन रामायण के भावपूर्ण प्रसंगों ने दर्शकों को धार्मिक और भावनात्मक रूप से जोड़ा। महोत्सव के अगले दिनों में भी रामायण के अन्य प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।
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