
सार
खुद को IAS अधिकारी बताकर कथित तौर पर ठगी करने के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत के खिलाफ भोपाल में तीसरी FIR दर्ज हुई है। जहांगीराबाद निवासी 28 वर्षीय ख्याति धौलपुरे ने आरोप लगाया कि तृप्ति ने नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 3 लाख रुपये लिए और बाद में भोपाल के ट्राइबल म्यूजियम और मानव संग्रहालय में फर्जी ट्रेनिंग कराई। पुलिस अब मामले में उसके साथी की भूमिका समेत पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
विस्तार
भोपाल में खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों से कथित तौर पर ठगी करने के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ तीसरी FIR दर्ज की है। जहांगीराबाद निवासी और बैतूल मूल की 28 वर्षीय ख्याति धौलपुरे ने शिकायत में आरोप लगाया कि तृप्ति ने उसे सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3 लाख रुपये लिए थे। मामले में तृप्ति के एक साथी के खिलाफ भी केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
शिकायत के मुताबिक, ख्याति की जून 2024 में तृप्ति से मुलाकात हुई थी। उस दौरान तृप्ति ने कथित तौर पर खुद को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की विभागाध्यक्ष और मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग में अतिरिक्त निदेशक बताया। नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उसने 3 लाख रुपये लिए। बाद में जब ख्याति को ठगी का शक हुआ और उसने रकम वापस मांगी तो काफी टालमटोल के बाद आरोपी ने रुपये लौटा दिए।
पुलिस शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि तृप्ति ख्याति और उसकी सहेली को भोपाल के ट्राइबल म्यूजियम और मानव संग्रहालय लेकर गई। वहां पौधरोपण और भाषण जैसी गतिविधियां कराई गईं और उनके वीडियो बनाए गए। आरोप है कि तृप्ति ने ख्याति को अधिकारी की तरह आत्मविश्वास दिखाने के लिए एक पदनाम बोलने को कहा। बाद में इन गतिविधियों के वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुए।
तृप्ति के फर्जी IAS होने का मामला उसके ससुर की ओर से कराई गई RTI के बाद सामने आया। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी से मिली जानकारी के बाद उसके IAS होने के दावे पर सवाल उठे। पुलिस ने उसके ठिकानों से कथित तौर पर सरकारी लेटरहेड, फर्जी पहचान पत्र, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज, प्रशिक्षु IAS लिखे स्मृति चिह्न और ‘भारत सरकार’ लिखी कार भी बरामद की है।
पुलिस अब मामले में कथित तौर पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच दल मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और दस्तावेजों की जानकारी जुटा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े में तृप्ति के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल रहे हैं।
तृप्ति के खिलाफ सामने आए मामलों में फर्जी पहचान बनाकर सरकारी अधिकारी होने का दावा करने और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, तृप्ति की असली पहचान सामने आने के बाद भी उसके द्वारा अलग-अलग नाम और पहचान का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों की जांच जारी है।
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