
ब्रांडवाणी डेस्क: राजधानी में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और जनता से सीधे संवाद स्थापित करने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘जन-भागीदारी’ अभियान के दौरान एक चौकाने वाला मामला सामने आया है. शहर की कमान संभाल रहे वरिष्ठ IPS अधिकारी के सामने अपराध नियंत्रण के सुझाव देने वाला व्यक्ति कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि कुख्यात हिस्ट्रीशीटर निकला.
ब्रांडवाणी को मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारी अपने पूरे लवाजमे के साथ अभियान के दौरान एक सघन क्षेत्र में पहुंचे. वहां भीड़ में से एक व्यक्ति ने पुलिसिंग में सुधार और अपराध नियंत्रण पर प्रभावशाली सुझाव दिए. अधिकारी ने उनकी बातों को सराहा और फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दी. लेकिन थोड़े ही समय बाद पता चला कि जिसे साहब सलाहकार समझ रहे थे, उस पर पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है। यह खुलासा होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पोस्ट और फोटो हटाई गई. घटना पुलिस की खुफिया प्रणाली और इलाके के अपराधियों की पहचान पर सवाल खड़ा करती है.
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