
सार
नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। DGCA ने 11 से 13 सितंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में संचालित फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) की उड़ान गतिविधियों पर रोक लगा दी है। इसके अलावा दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में हल्के विमान, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट और UAV जैसी लंबी दूरी की हवाई गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
विस्तार
दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक आयोजित होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए DGCA ने हवाई गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में होना है।
DGCA की ओर से जारी 7 सितंबर के संचार के मुताबिक उत्तर प्रदेश में संचालित सभी फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के लिए 11 सितंबर सुबह 7 बजे से 13 सितंबर रात 11 बजे तक उड़ान गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। यही पाबंदी पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मौजूद FTOs पर भी लागू होगी।
निर्देश के अनुसार निर्धारित अवधि में इन राज्यों के FTOs से कोई विमान उड़ान नहीं भर सकेगा। प्रतिबंध में हल्के और माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट के साथ-साथ हैंग-ग्लाइडर और हेलीकॉप्टर जैसी हवाई गतिविधियां भी शामिल हैं। DGCA ने संबंधित संस्थानों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में हल्के और माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, मानव रहित हवाई वाहन यानी UAV और इसी तरह के लंबी दूरी तक उड़ने वाले हवाई वाहनों के संचालन पर भी रोक रहेगी। वहीं दिल्ली के 100 किलोमीटर के दायरे में हैंग-ग्लाइडर, पैराग्लाइडर, पैरामोटर, एयरो-मॉडल, सभी प्रकार के ड्रोन और इसी तरह के शॉर्ट-रेंज हवाई वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
DGCA के साथ निदेशालय फ्लाइंग ट्रेनिंग ने संबंधित संस्थानों को भेजे संदेश में इन कदमों को एहतियाती सुरक्षा व्यवस्था बताया है। अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य BRICS सम्मेलन का सुरक्षित और सुचारु आयोजन सुनिश्चित करना है। संबंधित संस्थानों से निर्देशों का पूरी तरह पालन करने और प्रशासन को सहयोग देने को कहा गया है।
यह प्रतिबंध ऐसे समय लगाया गया है जब दुनिया के कई प्रमुख नेता BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचने वाले हैं। सम्मेलन से पहले राजधानी में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। दिल्ली में करीब 30 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की खबर है, जबकि एयरपोर्ट और प्रमुख होटलों समेत संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।
BRICS सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली एयरपोर्ट पर भी अतिरिक्त तैयारियां की गई हैं। IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के एक हिस्से को अंतरराष्ट्रीय यातायात संभालने के लिए अस्थायी रूप से तैयार किया गया है, ताकि सम्मेलन के दौरान बढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।
DGCA की यह व्यवस्था 11 सितंबर सुबह 7 बजे से 13 सितंबर रात 11 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य सम्मेलन के दौरान हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करना और किसी भी अनधिकृत या संभावित जोखिम वाली हवाई गतिविधि को रोकना है।
मुख्य बातें एक नजर में:
- कार्यक्रम: 18वां BRICS Summit 2026
- स्थान: भारत मंडपम, नई दिल्ली
- सम्मेलन: 11 से 13 सितंबर 2026
- उड़ान प्रशिक्षण पर रोक: 11 सितंबर सुबह 7 बजे से 13 सितंबर रात 11 बजे तक
- प्रभावित राज्य: उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश
- दिल्ली के 300 किमी दायरे में: हल्के/माइक्रोलाइट विमान और UAV पर रोक
- दिल्ली के 100 किमी दायरे में: ड्रोन, पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंग-ग्लाइडर और एयरो-मॉडल पर रोक
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