
ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े कैब और बाइक टैक्सी ड्राइवरों ने आज कई शहरों में हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल का असर रोज़ाना सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है, क्योंकि बड़ी संख्या में ड्राइवरों ने ऐप-आधारित सेवाएं बंद रखने का फैसला किया है।
ड्राइवर संगठनों के अनुसार, उनकी दो प्रमुख मांगें हैं। पहली, किराए की दरों में बढ़ोतरी ताकि बढ़ती ईंधन कीमतों और वाहन रखरखाव के खर्च की भरपाई हो सके। दूसरी, कंपनियों द्वारा ली जाने वाली कमीशन दरों में कमी, जिससे ड्राइवरों की आमदनी में सुधार हो सके।
प्रदर्शन कर रहे ड्राइवरों का कहना है कि मौजूदा किराया संरचना में उन्हें पर्याप्त कमाई नहीं हो पा रही है और लगातार बढ़ते खर्चों के कारण आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उनका आरोप है कि कंपनियां ज्यादा कमीशन ले रही हैं, जिससे ड्राइवरों की आय पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
ड्राइवर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द समाधान नहीं निकला, तो हड़ताल को आगे भी जारी रखा जा सकता है। वहीं, ऐप-आधारित कंपनियों की ओर से कहा गया है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और ड्राइवरों के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे आज यात्रा की योजना बनाते समय वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें या अतिरिक्त समय लेकर निकलें, क्योंकि हड़ताल के कारण कैब सेवाएं सीमित हो सकती हैं।









