
भोपाल, 2 अक्टूबर 2026: गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और देशसेवा के उनके विचारों को याद किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके हौसले ने हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा किया है।
स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर CM मोहन यादव ने दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन देशसेवा और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देता है। उन्होंने गांधीजी के स्वदेशी विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश में स्थानीय उत्पादन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और मेड इन इंडिया जैसे प्रयासों के जरिए देश में उत्पादन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गांधीजी के विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया।
2 अक्टूबर को देशभर में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है। गांधीजी के सत्य और अहिंसा के विचारों के साथ शास्त्रीजी की सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा को भी इस दिन याद किया जाता है।
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कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की CM ने की तारीफ
मुख्यमंत्री ने भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विमान में यात्रियों की जान बचाने के दौरान मच्छार ने जिस तरह हिम्मत दिखाई, वह देशवासियों के लिए गर्व की बात है।
रिपोर्टों के मुताबिक, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर हमला किया था। घटना के बाद विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब में उतारना पड़ा। इस घटना को लेकर कैप्टन के साहस और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों की चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने इसी संदर्भ में उनके साहस की सराहना की और इसे भारतीयों के लिए गर्व का विषय बताया।
नशामुक्ति अभियान का भी किया उल्लेख
गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में नशामुक्ति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सामाजिक सुधार और जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए राज्य को नशे से मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहने की बात कही।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के संदेश में गांधी और शास्त्री के विचारों के साथ आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और सामाजिक सुधार को वर्तमान समय से जोड़ने पर जोर रहा।
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