
दमोह: ग्राउंड मैदान पर बुधवार को आयोजित जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला किसानों के लिए अव्यवस्थाओं का एक उदाहरण बनकर रह गया। किसान कल्याण वर्ष 2026 के उपलक्ष में आयोजित इस मेले में किसानों को जमीन पर बैठकर कचरे के पास भोजन करने को मजबूर होना पड़ा।
इस आयोजन का उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीक और यंत्रों की जानकारी देना था। मेले में भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे, भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष हरिश्चंद्र पटेल, और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद थे। सुबह 11 बजे से 4 बजे तक चले इस कार्यक्रम में जिले भर से करीब 2000 किसानों को आमंत्रित किया गया था।
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अव्यवस्थाएं और प्रशासनिक दावे:
- प्रशासन ने दावा किया कि किसानों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी, परंतु किसान जमीन पर बैठकर भोजन करते नजर आए।
- कृषि विभाग के सहायक संचालक जगत लाल प्रजापति ने बताया कि किसानों के लिए अलग-अलग काउंटर और कुर्सियां लगाई गई थीं, लेकिन किसानों की संख्या अनुमान से अधिक हो गई थी।
किसानों की निराशा इस बात से स्पष्ट थी कि वे आपस में चर्चा कर रहे थे कि क्या अधिकारी ऐसी स्थिति में भोजन कर सकते हैं। मंच के सामने कई कुर्सियां खाली पड़ी थीं, जबकि मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधि उन्नत खेती की जानकारी दे रहे थे।
कृषि विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि आयोजन में फसलों और कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, ताकि किसान जागरूकता और प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। फिर भी, किसानों की कम उपस्थिति और अव्यवस्थाओं ने मेले के उद्देश्य को फीका कर दिया।
यह आयोजन किसानों की उन्नति के लिए था, लेकिन प्रशासनिक तैयारी की कमी ने इसे विवाद का विषय बना दिया।
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