
दिल्ली में हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर जांच तेज हो गई है। पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए समाजवादी पार्टी के एक सांसद से पूछताछ करने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है, ताकि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
पुलिस जांच में CCTV फुटेज अहम सबूत बनकर सामने आए हैं, जिनके आधार पर करीब 30 लोगों की पहचान की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि ये लोग घटना के वक्त मौके पर मौजूद थे या किसी न किसी रूप में इसमें शामिल थे। पुलिस अब इनकी भूमिका स्पष्ट करने के लिए पूछताछ और छानबीन कर रही है।
घटना के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और इलाके में पुलिस की मौजूदगी मजबूत की गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा या अफवाह को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। एक नेता के “रिएक्शन तो होगा ही” वाले बयान ने बहस को और तेज कर दिया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर चर्चा का बड़ा विषय बना रह सकता है।

