
ब्यूरोक्रेसी के गलियारों में इन दिनों एक आईएएस कपल की विदेश यात्राओं को लेकर खूब कानाफूसी है। सीधे भर्ती वाले साहब-मैडम के बारे में बताया जाता है कि दोनों लगभग हर महीने जर्मनी की उड़ान पकड़ लेते हैं। करीब एक सप्ताह वहां रहने के बाद वापस लौट आते हैं और फिर अगले दौरे की तैयारी शुरू हो जाती है। अब हर महीने जर्मनी जाने की वजह क्या है, यह तो साहब-मैडम ही बेहतर जानते होंगे, लेकिन गलियारों में इसकी वजह को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जरूर हैं। कुछ लोग इसे निवेश से जोड़कर देख रहे हैं। चर्चा है कि पहले मैडम ने खूब कमाई की और अब साहब भी कमाई के मामले में पीछे नहीं हैं।
यही वजह है कि दफ्तर और प्रशासनिक गलियारों में इस आईएएस कपल की लगातार होने वाली जर्मनी यात्राओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ सरकारी योजनाओं और विभागीय जिम्मेदारियों से जुड़े कामकाज को लेकर अधिकारियों की व्यस्तता रहती है, वहीं दूसरी तरफ हर महीने विदेश यात्रा की चर्चा अपने आप में लोगों का ध्यान खींच रही है। सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई, जब मैडम के पिता के निधन के बावजूद बताया जाता है कि दोनों का जर्मनी दौरा रद्द नहीं हुआ। पारिवारिक दुख के बीच भी साहब-मैडम जर्मनी रवाना हो गए। इस घटना को लेकर भी ब्यूरोक्रेसी में तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिल रही हैं और लोग अपने-अपने स्तर पर इस पूरे मामले को देख रहे हैं।
इन यात्राओं को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हर महीने जर्मनी जाने की वजह क्या है और इन दौरों का वास्तविक उद्देश्य क्या है। हालांकि इस बारे में साहब-मैडम की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में चर्चा लगातार बनी हुई है। कुछ लोग इसे निवेश से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ लोग दोनों की कमाई और विदेश यात्राओं के बीच संबंध तलाश रहे हैं। फिलहाल इन चर्चाओं की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन आईएएस कपल के बार-बार जर्मनी जाने का मामला ब्यूरोक्रेसी में चर्चा का विषय जरूर बना हुआ है।
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