
भारत ने बांग्लादेश में तैनात अपने सभी राजनयिक मिशनों से अधिकारियों के परिवारों और आश्रितों को वापस बुला लिया है। यह फैसला सुरक्षा और कूटनीतिक आकलन के बाद लिया गया बताया जा रहा है। हाल के दिनों में ढाका और अन्य शहरों में राजनीतिक तनाव और अस्थिरता बढ़ी है, जिसके बाद दिल्ली ने यह कदम उठाया।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, परिवारों को चरणबद्ध तरीके से वापस भेजा गया है और भारतीय मिशन अब केवल आवश्यक वर्किंग स्टाफ के साथ संचालन जारी रखेंगे। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूतावास और कांसुलेट बंद नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि प्रोटोकॉल के तहत सामान्य मिशन गतिविधियाँ जारी रहेंगी।
विशेषज्ञ इसे क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, सीमा प्रबंधन, ऊर्जा व लॉजिस्टिक्स जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग जारी है, ऐसे में यह फैसला अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भी ध्यान आकर्षित कर रहा है।
बांग्लादेश में आगामी चुनाव और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम चर्चा में हैं। इस बीच मिशन स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारत ने अस्थायी तौर पर परिवारों को वापस बुलाया है। अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।









