ईरान का बुशहर न्यूक्लियर प्लांट निशाने पर, क्या मचा सकता है वैश्विक संकट?

ब्रांडवानी डेस्क/तेहरान: ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के परिसर पर मंगलवार को एक प्रक्षेप्य (तोप का गोला की तरह) गिरा। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने बुधवार को पुष्टि की कि इस घटना में संयंत्र को कोई नुकसान नहीं हुआ और कर्मचारियों को चोट नहीं आई. यह हाल के दिनों में ईरान के परमाणु ढांचे पर होने वाली दूसरी घटना है.  IAEA ने बताया कि संयंत्र की स्थिति सामान्य है और इसके संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा. एजेंसी के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने सभी पक्षों से परमाणु स्थलों के पास सैन्य गतिविधियों से बचने और अधिकतम संयम बनाए रखने की अपील की. 

इससे पहले इसी सप्ताह ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र को इजराइल ने निशाना बनाया गया था. उस समय भी कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ था. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भले ही बुशहर में नुकसान न हुआ हो, लेकिन ऐसी घटनाएँ परमाणु सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं. वहीं दुनियाभर के देशों ने भी इस हमले की घोर निंदा की थी.बुशहर प्लांट ईरान का एकमात्र परिचालित परमाणु संयंत्र है और देश के नागरिक ऊर्जा कार्यक्रम में इसकी अहमियत बहुत अधिक है। IAEA ने बार-बार कहा है कि परमाणु सुविधाओं पर हमले केवल तत्काल खतरा ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट भी पैदा कर सकते हैं।

ये भी पढ़े – रूस का यूक्रेन में बड़ा हमला; 24 घंटो में 1000 से भी ज्यादा ड्रोन दागे

  • iran-bushehr-nuclear-plant-attack-2026
  • Brandwaani Desk

    Brandwaani Desk

    10+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    ओरछा: रामनवमी महोत्सव का भव्य आयोजन, 27 मार्च से होगी शुरूआत

    निवाड़ी:  धार्मिक और पर्यटन नगरी ओरछा में इस बार रामनवमी पर्व पर ऐतिहासिक आयोजन होने जा…

    आगे पढ़ें
    भोपाल में बरकतुल्ला विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी पर चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न

    भोपाल: बरकतुल्ला विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) विभाग द्वारा पीएम-उषा (PM-UShA) के तत्वावधान में आयोजित चार…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    ‘मुखिया’ की पसंद भी ठुकराई, ADG साहब की नज़र अब दिल्ली के दरबार पर

    ‘मुखिया’ की पसंद भी ठुकराई, ADG साहब की नज़र अब दिल्ली के दरबार पर