
करेरा, शिवपुरी। शिवपुरी जिले के करेरा नगर में दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार 13 अक्टूबर को शुरू हुई दूध विक्रेताओं की हड़ताल शाम को समाप्त हो गई। सुबह से दूध की आपूर्ति बंद रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम को दूध विक्रेताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद एसडीएम अनुपमा शर्मा ने उनकी समस्याएं सुनकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
महंगाई और पशु आहार की बढ़ती कीमतों का हवाला
दूध विक्रेताओं ने एसडीएम करेरा के नाम दिए आवेदन में कहा कि पशुओं के दाना, भूसा, खर और चारे की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इससे दूध उत्पादन की लागत बढ़ गई है और मौजूदा दामों पर काम करना मुश्किल हो रहा है।
विक्रेताओं का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए दूध के दाम में संशोधन किया जाना जरूरी है। इसी मांग को लेकर उन्होंने 13 अक्टूबर को एकदिवसीय बंद और हड़ताल का निर्णय लिया था। हड़ताल के कारण सुबह नगर में दूध की सप्लाई प्रभावित रही।
दूध के दाम बढ़ाने की मांग
दूध विक्रेताओं ने ज्ञापन के माध्यम से दूध के नए दाम निर्धारित करने की मांग रखी है। आवेदन में मावा की मात्रा के आधार पर दर तय करने की बात कही गई है। विक्रेताओं ने प्रशासन से उनकी लागत और मौजूदा बाजार परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित मूल्य तय कराने की मांग की।
दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की मांग केवल करेरा तक सीमित नहीं है। प्रदेश के दूसरे शहरों में भी पशु आहार और परिवहन लागत बढ़ने का हवाला देते हुए दूध के भाव में बदलाव की मांग सामने आती रही है।
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एसडीएम के आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म
दूध विक्रेताओं ने शाम को करेरा एसडीएम अनुपमा शर्मा को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने उनकी समस्याओं और मांगों को सुना तथा मामले में विचार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद विक्रेताओं ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।
इस दौरान पूर्व पार्षद दिलीप यादव ने खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को दूध विक्रेताओं के साथ-साथ मिलावटखोरी के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि, मिलावट से जुड़े उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
बड़ी संख्या में दूध विक्रेता और ग्रामीण रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान आजाद समाज पार्टी कांशीराम के प्रदेश सचिव हरिसिंह बैसला गुर्जर, प्रदेश सचिव फौजी रामनिवास गुर्जर, पूर्व पार्षद दिलीप यादव सहित बड़ी संख्या में दूध विक्रेता और ग्रामीण मौजूद रहे।
फिलहाल हड़ताल खत्म होने के बाद करेरा में दूध की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है। अब दूध विक्रेताओं की मांग पर प्रशासन क्या निर्णय लेता है, इस पर नजर रहेगी।
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