
एक प्रमुख सचिव साहब इन दिनों अपने ही विभाग के कर्मचारियों की मांगों को लेकर परेशान बताए जा रहे हैं। दरअसल, विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। विभाग के मुखिया होने के नाते अब उन्हें मनाने और मामला सुलझाने की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव साहब के कंधों पर है। साहब की ओर से कर्मचारियों के साथ कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं।
उन्हें समझाने के साथ मांगों पर विचार करने और समाधान का भरोसा भी दिया गया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। हर कोशिश के बाद मामला फिर वहीं आकर खड़ा हो जा रहा है। अब साहब की चिंता केवल आंदोलन खत्म कराने तक सीमित नहीं है। उन्हें आशंका है कि मामला लंबा खिंचा तो सरकार की नजर में इसका असर उनकी कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है।
वैसे भी साहब के पास इस विभाग के अलावा कुछ महत्वपूर्ण अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी हैं। ऐसे में कर्मचारियों की जिद ने प्रमुख सचिव साहब की परेशानी जरूर बढ़ा दी है। कर्मचारियों की मांगों को लेकर कई दौर की बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया है और अब विभाग के मुखिया के तौर पर प्रमुख सचिव साहब के सामने इस मामले को सुलझाने की चुनौती बनी हुई है
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