
खजुराहो/ परशुराम: मध्य प्रदेश के खजुराहो स्थित पत्थर कॉलोनी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ASI के सरकारी आवासों में कथित बिजली चोरी का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद विद्युत विभाग ने छापेमार कार्रवाई की, जिसमें दो अधिकारियों पर सरकारी विद्युत कनेक्शन से निजी आवासों में बिजली उपयोग करने का आरोप लगा है। विभाग ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
निजी आवासों में बिजली का उपयोग
जानकारी के अनुसार, आरोपित अधिकारियों की पहचान जबलपुर मंडल में पदस्थ डिप्टी सुपरिंटेंडेंट कमलकांत वर्मा और हॉर्टिकल्चर असिस्टेंट धर्मेंद्र कुमार सिंह के रूप में हुई है। विद्युत विभाग का आरोप है कि सरकारी मीटर से निजी आवासों में बिजली का उपयोग किया जा रहा था, जबकि उसका भुगतान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जा रहा था।
विद्युत अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई
विद्युत विभाग का कहना है कि शिकायत के आधार पर की गई जांच में कथित अनियमितता सामने आई है। विभाग ने दोनों अधिकारियों के विरुद्ध ₹50 हजार से अधिक का चालान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और विद्युत अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई
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विद्युत विभाग के अधिकारी मयंक त्रिपाठी ने कहा कि बिजली चोरी के मामलों में किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूरे प्रकरण की जांच
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ASI के जबलपुर सर्कल के अधीक्षण पुरातत्वविद आफताब हुसैन ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी आवास में विद्युत उपकरणों का उपयोग
जांच में यह भी सामने आया है कि सरकारी आवास में विद्युत उपकरणों का उपयोग अधिक होने के बावजूद बिजली बिल अपेक्षाकृत काफी कम जमा किया जा रहा था। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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