
शिवपुरी।कुलदीप शर्मा| जिले में मिलावटी और घटिया गुणवत्ता वाले दूध एवं दुग्ध उत्पादों पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सात प्रतिष्ठानों से दूध, मावा, पनीर और दही के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
शिवपुरी, कोलारस, पोहरी और बदरवास में हुई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत शिवपुरी, कोलारस, पोहरी और बदरवास में कार्रवाई की गई। शिवपुरी शहर के न्यू जैन दूध डेयरी से खुला मावा और पनीर, जबकि गुर्जर दूध डेयरी से खुले दूध का नमूना लिया गया। कोलारस के लुकवासा स्थित पवन दूध डेयरी से खुला पनीर और दूध के नमूने एकत्र किए गए। इसके अलावा ग्वालियर बायपास पर एक चलित वाहन से भी खुले दूध का सैंपल लिया गया।
दही और दूध के नमूने भी भेजे गए जांच के लिए
पोहरी तहसील के ग्राम झिरी स्थित दिलीप दूध डेयरी से खुला दही और दूध के नमूने लिए गए। वहीं बदरवास में मिश्री दूध डेयरी से सप्रेटा दही और माखन दूध डेयरी से खुले दूध का नमूना जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के उपसंचालक ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय स्थानों से ही दूध और दुग्ध उत्पाद खरीदें। यदि कहीं मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य एवं औषधि प्रशासन को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
यह भी पढ़े: 2027 चुनाव से पहले बीजेपी के लिए ब्राह्मण वोट बैंक बना चुनौती? राजनीतिक समीकरणों पर बढ़ी चर्चा
- shivpuri-milk-mawa-paneer-sample-testing-food-safety-drive








