लता मंगेशकर के इस गाने ने का जादू 58 साल बाद भी कायम है

सार 

हिंदी सिनेमा के पुराने दौर के गाने सिर्फ मनोरंजन नहीं करते थे, बल्कि कई बार लोगों की जिंदगी और सोच पर गहरा असर छोड़ जाते थे। ऐसा ही एक गीत है ‘छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए’, जिसे लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज दी थी। 1968 में आई फिल्म ‘सरस्वतीचंद्र’ का यह गीत अभिनेत्री नूतन पर फिल्माया गया था। आज करीब छह दशक बाद भी यह गाना अपनी भावनात्मक गहराई के कारण याद किया जाता है।

विस्तार 

इस गीत की सबसे खास बात इसका संदेश है। गाने में प्यार के साथ-साथ जिंदगी की दूसरी जिम्मेदारियों को भी महत्व देने की बात कही गई है। यही वजह है कि यह सिर्फ एक फिल्मी गीत बनकर नहीं रह गया, बल्कि उन लोगों के लिए उम्मीद और हिम्मत का सहारा बन गया जो प्रेम में निराश हो जाते थे।

गीत का मूल भाव यही है कि किसी एक रिश्ते या प्रेम के लिए पूरी जिंदगी को खत्म कर देना उचित नहीं है। जीवन में प्यार के अलावा भी कई जरूरी जिम्मेदारियां और रिश्ते होते हैं।

गाने की लोकप्रियता में नूतन के अभिनय का भी बड़ा योगदान रहा। उनकी भावपूर्ण अदाकारी और लता मंगेशकर की आवाज ने गीत को ऐसा असर दिया कि दर्शक खुद को इसकी कहानी से जोड़ने लगे।

1968 की फिल्म ‘सरस्वतीचंद्र’ का निर्देशन गोविंद सरैया ने किया था। फिल्म में नूतन और मनीष प्रमुख भूमिकाओं में थे और संगीत कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने दिया था। फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भी पहचान मिली थी। 

इस गाने से जुड़ी सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे कई लोगों ने प्रेम में असफल होने के बाद खुद को संभालने के संदेश के रूप में लिया। इसी वजह से इसे ऐसे गीत के तौर पर याद किया जाता है जिसने कई निराश आशिकों को जिंदगी की ओर लौटने की प्रेरणा दी।

गीत में प्रेम को जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है, लेकिन पूरी जिंदगी को केवल प्रेम के नाम कर देने से बचने की सीख भी दी गई है। यही विचार आज के दौर में भी उतना ही प्रासंगिक नजर आता है।

लता मंगेशकर की आवाज इस गीत की सबसे बड़ी ताकत थी। उनकी गायकी में मौजूद दर्द, ठहराव और भावनाओं ने गीत के शब्दों को और प्रभावशाली बना दिया। यही वजह है कि दशकों बाद भी जब पुराने हिंदी गीतों की बात होती है, तो ‘छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए’ का नाम जरूर आता है।

यह गीत फिल्म सरस्वतीचंद्र के संगीत की उन रचनाओं में शामिल है, जिन्होंने उस दौर के दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई। 

आज के दौर में जब प्रेम, ब्रेकअप और रिश्तों को लेकर युवाओं के बीच तमाम तरह की भावनात्मक चुनौतियां देखने को मिलती हैं, ऐसे में इस गीत का संदेश फिर से प्रासंगिक लगता है। गाना बताता है कि जिंदगी किसी एक रिश्ते से बड़ी है और मुश्किल समय के बाद भी आगे बढ़ने की गुंजाइश हमेशा रहती है।

शायद यही कारण है कि 58 साल पुराने इस गीत का जादू आज भी बरकरार है। लता मंगेशकर की आवाज, नूतन का अभिनय और कल्याणजी-आनंदजी का संगीत- इन तीनों का मेल इस गीत को हिंदी सिनेमा के यादगार गीतों में शामिल करता है।

  • lata-mangeshkar-song-chhod-de-saari-duniya-saved-many-lives
  • Manisha Gupta

    Manisha Gupta

    Related Posts

    ऐचवाड़ा राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट में विवाद गहराया, पुजारी परिवार को गांव से निकालने और आभूषण नहीं सौंपने के आरोप

    शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: शिवपुरी के पोहरी क्षेत्र के ऐचवाड़ा…

    जमीनी विवाद में घर में घुसकर जानलेवा हमला और लूट का आरोप, SP से कार्रवाई की गुहार

    शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: शिवपुरी के बामौरकलां थाना क्षेत्र के…

    You Missed

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6 देशों की कंपनियां, 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा में लगेगा कारोबार का बड़ा मंच

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6 देशों की कंपनियां, 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा में लगेगा कारोबार का बड़ा मंच

    सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से PM मोदी का संवाद, 35.42 लाख हितग्राहियों को मिले ₹212.57 करोड़

    सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से PM मोदी का संवाद, 35.42 लाख हितग्राहियों को मिले ₹212.57 करोड़

    उज्जैन में 105 साल पुरानी परंपरा का भव्य नजारा, फूलडोल में दिखा शौर्य और कृष्ण लीला

    उज्जैन में 105 साल पुरानी परंपरा का भव्य नजारा, फूलडोल में दिखा शौर्य और कृष्ण लीला

    भोपाल में गरबा को लेकर सियासी घमासान, रामेश्वर शर्मा के बयान पर आरिफ मसूद का पलटवार

    भोपाल में गरबा को लेकर सियासी घमासान, रामेश्वर शर्मा के बयान पर आरिफ मसूद का पलटवार

    राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में PM मोदी की मिमिक्री पर विवाद, BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना

    राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में PM मोदी की मिमिक्री पर विवाद, BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना