
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: शिवपुरी जिले के मड़ीखेड़ा डैम में पानी की आवक बढ़ने के बाद रविवार दोपहर चार गेट फिर खोल दिए गए। डैम का जलस्तर 346.15 मीटर पहुंच गया है, जो अधिकतम जलस्तर 346.25 मीटर से महज 10 सेंटीमीटर कम है। डैम की क्षमता का 99.17 प्रतिशत पानी भर चुका है। चार गेटों और पावर हाउस के जरिए कुल करीब 546.78 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। ऊपरी क्षेत्रों में हुई बारिश को डैम में बढ़ती आवक की वजह बताया जा रहा है।
जलस्तर बढ़ने पर खोले गए चार गेट
शिवपुरी जिले के अटल सागर मड़ीखेड़ा डैम में पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए रविवार दोपहर चार गेट फिर खोल दिए गए। डैम का जलस्तर अपनी अधिकतम क्षमता के बेहद करीब पहुंचने के बाद पानी को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया।
रविवार दोपहर 3 बजे डैम का जलस्तर 346.15 मीटर रिकॉर्ड किया गया। डैम का पूर्ण जलस्तर 346.25 मीटर है। इस तरह डैम का जलस्तर फुल लेवल से महज 10 सेंटीमीटर नीचे है।
डैम में फिलहाल 827.88 एमसीयूएम पानी जमा है, जबकि इसकी कुल क्षमता 834.83 एमसीयूएम है। यानी डैम में उसकी कुल जल संग्रहण क्षमता का करीब 99.17 प्रतिशत पानी मौजूद है।
अलग-अलग ऊंचाई पर खोले गए गेट
जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए डैम के चार गेट खोले गए हैं। गेट नंबर 5 और 6 को एक-एक मीटर खोला गया है। वहीं गेट नंबर 4 और 7 को आधा-आधा मीटर खोला गया है।
चारों गेटों की कुल ओपनिंग 3 मीटर है। इन गेटों से 411.358 क्यूमेक्स पानी बाहर छोड़ा जा रहा है।
इसके अतिरिक्त डैम के पावर हाउस से भी 135.42 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह गेट और पावर हाउस मिलाकर डैम से कुल 546.778 क्यूमेक्स पानी बाहर निकाला जा रहा है।
डैम का जलस्तर अधिकतम क्षमता के करीब होने के कारण पानी की आवक और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ऊपरी क्षेत्रों की बारिश से बढ़ी पानी की आवक
शिवपुरी शहर और जिले में पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं हुई है, लेकिन ऊपरी इलाकों में हुई बारिश का असर मड़ीखेड़ा डैम में दिखाई दे रहा है। ऊपरी क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने के कारण डैम का जलस्तर लगातार ऊपर पहुंचा है।
इस साल शिवपुरी जिले में अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। भू-अभिलेख विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 18 सितंबर 2026 तक जिले में 953.42 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज हुई है। जिले की सामान्य औसत बारिश 816.3 मिलीमीटर है।
इस लिहाज से इस साल अब तक जिले में सामान्य औसत से करीब 137 मिलीमीटर अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है।
शिवपुरी में 995.20 मिमी बारिश
जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। आंकड़ों के मुताबिक शिवपुरी में अब तक 995.20 मिमी, बैराड़ में 1057 मिमी, पोहरी में 979 मिमी और नरवर में 966 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
इसी तरह करैरा में 981.80 मिमी, पिछोर में 975 मिमी, कोलारस में 812.80 मिमी, बदरवास में 980.50 मिमी और खनियाधाना में 833.50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले के कई क्षेत्रों में इस मानसून सीजन में सामान्य से अच्छी बारिश हुई है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश का पानी मड़ीखेड़ा डैम तक पहुंचने से जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है।
पिछले साल हुई थी ज्यादा बारिश
हालांकि इस साल डैम का जलस्तर अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच गया है, लेकिन पिछले साल की तुलना में अब तक जिले में बारिश कम रही है।
पिछले साल इसी अवधि तक शिवपुरी जिले में 1382.34 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई थी। वहीं पूरे वर्ष में जिले में कुल 1585.86 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
इस साल 18 सितंबर तक औसत बारिश 953.42 मिमी दर्ज हुई है, लेकिन मड़ीखेड़ा डैम में पानी का स्तर अधिकतम क्षमता के बेहद करीब पहुंच गया है।
पानी की निकासी पर लगातार नजर
डैम का जलस्तर 346.25 मीटर के पूर्ण जलस्तर से केवल 10 सेंटीमीटर नीचे होने के कारण पानी की निकासी को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण हो गया है। इसी वजह से चार गेट खोलकर पानी बाहर निकाला जा रहा है।
फिलहाल गेटों से 411.358 क्यूमेक्स और पावर हाउस से 135.42 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की आवक और जलस्तर के अनुसार आगे गेटों की स्थिति में बदलाव किया जा सकता है।
मड़ीखेड़ा डैम में जलस्तर बढ़ने के बाद अब प्रशासन और संबंधित विभाग पानी की आवक पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि जलस्तर को नियंत्रित रखा जा सके।
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