
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को खुद को ‘दिमागी नक्सल’ (अर्बन नक्सल) बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि चूँकि वह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 का समर्थन करती हैं, इसलिए वह भी एक ‘दिमागी नक्सल’ हैं।
महबूबा मुफ्ती की यह टिप्पणी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के उस बयान के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण का बचाव किया था। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को देश को ‘दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए कहा था कि ऐसे लोगों ने व्यवस्था में अपनी पैठ बना ली है और वे नीतियों को प्रभावित करके समाज के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
विपक्ष द्वारा इस बयान पर जताई गई आपत्ति के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने ‘एक्स’ पर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे विपक्ष को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था, बल्कि यह शब्द केवल उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, भारतीय संविधान को खारिज करते हैं, अलगाववादियों के साथ खड़े हैं, पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने की कोशिश करते हैं या फिर अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं। रीजीजू के इसी बयान पर तंज कसते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह अनुच्छेद 370 का समर्थन करती हैं और इस नाते वह भी एक दिमागी नक्सल हैं।
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