
सार
मध्य प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर स्थिति गंभीर होती दिखाई दे रही है। कई जिलों में ऑनलाइन गैस बुकिंग सिस्टम ठप पड़ने की खबरें सामने आई हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल और रेस्टॉरेंट कारोबार पर भी इसका बड़ा असर पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि राज्य के करीब 50 हजार होटल और रेस्टॉरेंट गैस खत्म होने के कगार पर पहुंच गए हैं, क्योंकि उन्हें समय पर सिलेंडर की सप्लाई नहीं मिल पा रही है। गैस की कमी के कारण कई व्यवसायों ने अब वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना शुरू कर दिया है, जिसके चलते इंडक्शन चूल्हों और डीजल भट्ठियों की कीमतें भी लगभग दोगुनी हो गई हैं।

विस्तार
मध्य प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में गैस एजेंसियों के बाहर इन दिनों लंबी कतारें देखी जा रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा, जिसके कारण उन्हें सीधे एजेंसी जाकर जानकारी लेनी पड़ रही है। कई जगहों पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और फिर भी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह स्थिति परेशानी का कारण बन रही है, लेकिन होटल और रेस्टॉरेंट उद्योग के लिए यह और भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है। राज्य में हजारों छोटे-बड़े होटल, ढाबे और रेस्टॉरेंट पूरी तरह एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर समय पर गैस सप्लाई नहीं मिली तो कई प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से अपना काम बंद करना पड़ सकता है।
खबरों के अनुसार प्रदेश में करीब 50 हजार होटल और रेस्टॉरेंट ऐसे हैं जो गैस की कमी के कारण संकट की स्थिति में पहुंच रहे हैं। कई व्यापारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सिलेंडर की सप्लाई अनियमित हो गई है और नई बुकिंग के बाद भी डिलीवरी में देरी हो रही है। इससे उनके रोजाना के कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
गैस की कमी के कारण कई व्यवसाय अब वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं। कुछ होटल और ढाबे इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर डीजल से चलने वाली भट्ठियों का उपयोग शुरू कर दिया गया है। लेकिन अचानक बढ़ी मांग के कारण इन उपकरणों की कीमतों में भी तेजी से उछाल आ गया है। बाजार में इंडक्शन चूल्हों और डीजल भट्ठियों के दाम पहले की तुलना में लगभग दोगुने बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गैस सप्लाई में सुधार नहीं हुआ तो इसका असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि होटल उद्योग, खानपान व्यवसाय और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। छोटे होटल और ढाबे, जो रोजाना के कारोबार पर निर्भर होते हैं, उनके लिए यह स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
इस पूरे मामले में गैस एजेंसियों और संबंधित विभागों का कहना है कि सप्लाई को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं और तकनीकी या लॉजिस्टिक समस्याओं को जल्द ठीक किया जाएगा। हालांकि उपभोक्ता और व्यापारी तब तक राहत महसूस नहीं करेंगे जब तक उन्हें नियमित रूप से गैस सिलेंडर की उपलब्धता नहीं मिलती। फिलहाल मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में गैस बुकिंग और सप्लाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।









