
मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त एक बड़ी खबर आ रही है। एक तेज-तर्रार और ईमानदार छवि वाली सीनियर महिला आईपीएस (DG रैंक) अधिकारी ने सिस्टम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बताया जा रहा है कि फाइलों के अटके होने और काम में आ रही बाधाओं से नाराज मैडम अब सीधे मुख्यमंत्री तक गुहार लगाने के मूड में हैं।
मध्य प्रदेश की एक सीनियर आईपीएस मैडम इन दिनों जबरदस्त चर्चा में हैं। अपनी बेबाक और अनुशासनप्रिय कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली यह डीजी स्तर की अफसर काफी समय से अपने विभाग और एक अन्य संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट चल रही हैं।
मुख्य विवाद की वजह:
सूत्रों के मुताबिक, नाराजगी की सबसे बड़ी वजह है— फाइलों का पेंडिंग होना। मैडम का आरोप है कि उनके द्वारा भेजे गए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को जानबूझकर मंजूरी नहीं दी जा रही है। इसकी वजह से उनके संस्थान का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
मीटिंग में दिखी नाराजगी:
हाल ही में हुई एक विभागीय बैठक में मैडम का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने न केवल अपने विभाग के अफसरों को खरी-खोटी सुनाई, बल्कि दो टूक शब्दों में चेतावनी भी दे दी। उन्होंने साफ कहा है कि:
“अगर जल्द ही इन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिली, तो वह इस पूरे मामले की लिखित शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से करेंगी।”
क्यों खास है यह मामला?
- ईमानदार छवि: उक्त अधिकारी अपनी साफ-सुथरी और कड़क छवि के लिए पूरे प्रदेश में मशहूर हैं।
- प्रशासनिक टकराव: एक डीजी रैंक की अफसर का इस तरह खुलकर नाराजगी जताना प्रशासन के भीतर चल रही खींचतान की ओर इशारा करता है।
- सीधा अल्टीमेटम: अब गेंद सरकार के पाले में है— या तो फाइलें आगे बढ़ेंगी, या फिर यह विवाद मुख्यमंत्री की चौखट तक पहुंचेगा।
फिलहाल इस खबर ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है। अब देखना यह होगा कि मैडम के इस कड़े रुख के बाद विभाग की रुकी हुई फाइलों में कितनी रफ्तार आती है। ऐसी ही और खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।









