
मध्य प्रदेश की प्रशासनिक बिसात पर इन दिनों एक नई चर्चा जोरों पर है। चर्चा है एक ऐसी आईएएस अधिकारी की, जिन्हें सरकार ने बड़े भरोसे के साथ संभाग की कमान सौंपकर फील्ड में भेजा था, लेकिन अब खबर आ रही है कि ‘मैडम कमिश्नर’ का फील्ड की भागदौड़ से मोहभंग हो गया है।
कुछ महीने पहले जब सचिव स्तर की इन आईएएस अधिकारी को संभाग का कमिश्नर बनाया गया, तो प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा था कि उनके लंबे अनुभव और सूझबूझ का फायदा सीधे तौर पर जनता और फील्ड प्रशासन को मिलेगा। सरकार को उम्मीद थी कि मैडम की कार्यशैली से संभाग में नई ऊर्जा आएगी।
लेकिन सूत्रों की मानें तो, मैडम को फील्ड की यह पारी कुछ खास रास नहीं आई। कमिश्नर बनने के कुछ ही समय बाद उनका मन इस भारी-भरकम जिम्मेदारी से उचटने लगा है। लगातार होने वाली बैठकें, प्रोटोकॉल के दौरे और फील्ड की आपाधापी के बीच मैडम अब खुद को असहज महसूस कर रही हैं। सरल और सहज स्वभाव वाली इन अधिकारी के लिए फील्ड की ‘फायर-फाइटिंग’ वाली लाइफस्टाइल अब बोझ बनने लगी है।
सत्ता के गलियारों में यह खबर पुख्ता है कि मैडम ने अब वापस राजधानी (भोपाल) लौटने की इच्छा जाहिर कर दी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने सरकार के सामने अपनी गुहार भी लगा दी है कि उन्हें फील्ड से हटाकर मंत्रालय में कोई नई जिम्मेदारी सौंप दी जाए। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार उनकी इस ‘घर वापसी’ की अर्जी स्वीकार करती है या उन्हें अभी कुछ समय और फील्ड में पसीना बहाना होगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, ब्रैंडवाणी समाचार, मध्य प्रदेश।







